जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुवात,MP नदियों का मायका-CM डॉ मोहन
Jal Ganga Enhancement: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नव संवत्सर एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर इस्कॉन मंदिर, इंदौर के परिसर स्थित तालाब में गंगा जल अर्पित कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" (तृतीय चरण) का शुभारंभ किया।
[caption id="attachment_141938" align="alignnone" width="1185"]गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक काम होगा-CM
[caption id="attachment_141941" align="alignnone" width="1187"]आज से प्रारंभ हुए अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जन सहभागिता से जल एवं जल स्रोतों के संरक्षण के लिए कार्य किए जाएंगे। अभियान का समापन 30 जून 2026 को होगा।
Jal Ganga Enhancement: इस अवसर पर सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा की गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक काम होगा, मध्यप्रदेश नदियों का मायका है जल संरचनाओं को लेकर नहर तालाब प्राचीन जल स्रोत सभी व्यवस्था पर काम हुआ है ,ये हमारा तीसरा साल है जल गंगा संरक्षण अभियान के नाम से दौर से शुरुआत हो रही है ।
क्या है जल गंगा संवर्धन अभियान
जल गंगा संवर्धन अभियान में नदियों, तालाबों और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा देने और भूजल स्तर बढ़ाने का एक सरकारी व जन-भागीदारी कार्यक्रम है। इसमें सफाई, पौधारोपण, और चेकडैम निर्माण के माध्यम से पानी बचाने पर फोकस किया जाता है।
इस अभियान को लेकर सीएम डॉ मोहन ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा " मध्यप्रदेश 'नदियों का मायका' है। इसलिए हम सभी के लिए जल संरक्षण जिम्मेदारी भी है और संस्कार भी। बीते दो वर्षों में हम सभी ने मिलकर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त जन-आंदोलन बना दिया है। इस वर्ष भी उसी संकल्प और ऊर्जा के साथ अभियान को आगे बढ़ाना है। [caption id="attachment_141937" align="alignnone" width="1182"]