मध्य प्रदेश

इंदौर निगम में 'वंदे मातरम' नहीं गाने पर हंगामा: सिंधिया को कहा 'गद्दार'

NAGAR NIGAM INDORE: इंदौर नगर निगम में 8,455 करोड़ रुपए का बजट शोर-शराबे के बीच बहुमत से पारित किया गया। बजट चर्चा के दौरान पार्षद फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार किया। जिसके बाद भाजपा पार्षद भड़क गए और सभापति के आसन के पास नारेबाजी की।

[caption id="attachment_145872" align="alignnone" width="1187"] इंदौर निगम में वंदे मातरम नहीं गाने पर हंगामा[/caption]

सदन में शोर-शराबा चलता रहा, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। स्थिति संभालने के लिए सभापति मुन्नालाल यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। जिसके बाद उन्होंने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए।

NAGAR NIGAM INDORE:  किस एक्ट में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य-फौजिया

कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने कहा कि उन्हें वह एक्ट दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य बताया गया हो। साथ ही फौजिया ने कहा कि उनका धर्म इस्लाम उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देता। वहीं रुबीना इकबाल खान ने कहा कि अगर एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ। उनके बयान से सदन संवेदनशील हो गया।

NAGAR NIGAM INDORE: ‘वंदे मातरम’ गाना व्यक्तिगत इच्छा

घटना में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाना व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए संकल्पित है।

कांग्रेस पार्षद बोले- अधिकारी नहीं देते जानकारी

कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को कई मामलों की जानकारी नहीं होती और सवाल पर वे जिम्मेदारी दूसरे विभागों पर डाल देते हैं। महापौर ने कहा कि सभी सवालों के जवाब सात दिन में दे दिए जाएंगे।

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