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एथेनॉल फैक्ट्री विरोध ने क्यों लिया हिंसक रूप? लाठीचार्ज, झड़प..किसानों ने फूंकी 14 से ज्यादा गाड़ियां

Hanumangarh Ethanol Plant Protest: हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री विरोध ने हिंसक रूप ले लिया है। सैकड़ों गुस्साएं किसानों ने राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। उग्र भीड़ को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। 

गाड़ियों को किया आग के हवाले

इसके बाद गुस्साएं किसानों ने 14 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस झड़प में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए है। जिनमें कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी शामिल है। उनके सिर पर चोंट आई, इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।  [caption id="attachment_121609" align="alignnone" width="589"] पुलिस और किसानों के बीच झड़प[/caption] [caption id="attachment_121613" align="alignnone" width="583"] कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया हुए घायल[/caption]

Hanumangarh Ethanol Plant Protest: इंटरनेट बंद

भारी बवाल के बाद इलाकें में तनाव फैला हुआ है, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है। स्कूल-कॉलेज और दुकानें बंद हैं। टिब्बी कस्बे के पास इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई। वहीं टिब्बी इलाके में 18 नवंबर की रात से ही धारा 163 लागू है। बिगड़ते हालातों को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों की 2 टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है।  [caption id="attachment_121610" align="alignnone" width="583"] सुरक्षा बलों की 2 टुकड़ियां तैनात[/caption]

क्यों हो रहा बवाल?

दरअसल, हनुमानगढ़ के राठीखेड़ा के पास करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से एशिया की सबसे बड़ी एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री लगने से पर्यावरण को नुकसान होगा, उनकी खेती प्रभावित होगी। इसको लेकर किसान काफी समय से विरोध कर रहे हैं, लेकिन हाल ही में उन्हें धरनास्थल से हटा दिया गया। इसके बाद फैक्ट्री की बाउंड्री का निर्माण कार्य पूरा किया गया। वहीं निर्माण कंपनी का कहना है कि सभी पर्यावरण मानकों का पालन किया जा रहा है।

Hanumangarh Ethanol Plant Protest: फैक्ट्री की दीवार तोड़ी

हालात तब बिगड़े जब बुधवार को किसानों ने SDM कार्यालय के बाहर फैक्ट्री के विरोध में सभा की। शाम करीब 4 बजे प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर बढ़ गए। भीड़ अचानक बढ़ने से माहौल गर्म हो गया और किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री की दीवार को तोड़ दिया। जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया लेकिन भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई, तो पुलिस पीछे हट गई। [caption id="attachment_121611" align="alignnone" width="535"] धरने पर बैठे लोग[/caption] [caption id="attachment_121620" align="alignnone" width="536"] गाड़ियों में लगाई आग[/caption]

30 परिवारों ने छोड़ा घर

हालात आज भी बिगड़े हुए है। कांग्रेस नेताओं और किसानों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 30 परिवारों ने घर छोड़ दिया। इधर पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर को कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथहिरासत में ले लिया है। वे किसान सभा में जा रहे थे। दरअसल टिब्बी गुरुद्वारा में आज 12 बजे किसानों की सिंह सभा होनी थी।  Read More: बाड़मेर में किसानों का कलक्ट्रेट घेराव आंदोलन तेज

‘फैक्ट्री के पास सभी परमिशन’

Hanumangarh Ethanol Plant Protest: इधर, हनुमानगढ़ कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि लोगों ने कानून हाथ में ले लिया। यह फैक्ट्री 2022 का प्रोजेक्ट है, जिसका MoU ‘राइजिंग राजस्थान’ के दौरान हुआ था। साल 2023 में इसकी रजिस्ट्री और CLU की अनुमति मिली। स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सहित राजस्थान सरकार से अनुमतियां जारी की जा चुकी हैं।