IMA की पासिंग आउट परेड : 515 कैडेट्स बने सैन्य अधिकारी, पहली बार 9 महिला कैडेट्स ने पार किया 'अंतिम पग'
देहरादून। इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) का ऐतिहासिक परेड ग्राउंड शनिवार को गर्व, सम्मान और भावनाओं के अनूठे संगम का साक्षी बना। 158वीं पासिंग आउट परेड (POP) में 515 कैडेट्स ने 'अंतिम पग' पार कर भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली। इनमें 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स शामिल रहे।समारोह की सबसे खास बात रही कि IMA के 94 साल के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट्स भी पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनीं और पुरुष कैडेट्स के साथ कदम मिलाकर सैन्य जीवन की नई शुरुआत की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ली सलामी, पुष्प वर्षा के बीच पूरा हुआ 'अंतिम पग'
समारोह की समीक्षा अधिकारी और मुख्य अतिथि राष्ट्रपति मुर्मू रहीं। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया। चेटवुड भवन के सामने जब कैडेट्स ने 'अंतिम पग' पार किया तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस गौरवपूर्ण क्षण को और यादगार बनाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।
स्टार लगते ही छलक पड़े जज्बात
पासिंग आउट परेड के बाद आयोजित पिपिंग सेरेमनी में माता-पिता और परिजनों ने नव-नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर स्टार सजाए। वर्षों की कठिन ट्रेनिंग के बाद अधिकारी बने युवाओं के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।कई युवा अधिकारियों को उनके परिजनों ने कंधों पर उठा लिया, जबकि कुछ ने साथियों को हवा में उछालकर अपनी खुशी जाहिर की। IMA परिसर देशभक्ति के नारों और उत्साह से गूंज उठा।
1932 से तैयार कर रही है सेना के नेता
IMA की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी। पहले बैच में केवल 40 कैडेट्स थे। आज यह संस्थान भारतीय सेना के लिए नेतृत्व तैयार करने वाली सबसे प्रतिष्ठित सैन्य अकादमियों में गिना जाता है। Field Marshal Sam Manekshaw सहित कई महान सैन्य अधिकारी इसी अकादमी से निकले हैं।