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जयचंदों को जमीन में गाड़ देंगे…रोहिणी पर चप्पल उठाने पर भड़के तेजप्रताप, तीनों बहनों ने छोड़ा राबड़ी आवास

Tejpratap and Rohini: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने न सिर्फ राज्य की सियासी तस्वीर बदली है, बल्कि राज्य की प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक—लालू प्रसाद यादव के परिवार—के भीतर भी गहरी कलह उजागर कर दी है। चुनाव में करारी हार के बाद राजद (RJD) के भीतर असंतोष और आरोप-प्रत्यारोप खुलकर सामने आने लगे हैं। अब परिवार की अंदरूनी लड़ाई सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गई है, जिसमें लालू-राबड़ी परिवार की बेटी रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप यादव के तीखे बयान सुर्खियों में हैं। रोहिणी आचार्य के राबड़ी आवास छोड़ने के बाद उनकी तीन और बहनों रागिनी, राजलक्ष्मी और चंदा यादव भी दिल्ली रवाना हो गई है। ये तीनों बहनें अपने परिवार और बच्चों के साथ चली गई हैं। अब राबड़ी आवास  खाली हो गया है।

रोहिणी आचार्य का बड़ा बयान

चुनाव परिणाम आने के बाद रोहिणी आचार्य ने अचानक परिवार और पार्टी से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी नेताओं संजय और रमीज ने उन पर लगातार दबाव बनाया, और उनके विरोध करने पर घर में उनके खिलाफ चप्पल तक उठाई गई। रोहिणी ने साफ कहा— “तेजस्वी और उन लोगों से कोई वास्ता नहीं है।” उनके इस बयान से न सिर्फ पार्टी में हलचल मच गई, बल्कि परिवार के भीतर चल रहे मतभेद भी खुलकर सामने आ गए। रोहिणी को लंबे समय से पार्टी का बौद्धिक और नैतिक स्तंभ माना जाता रहा है, ऐसे में उनका यह कदम परिवार के भीतर गंभीर स्थिति को दर्शाता है। https://youtube.com/shorts/PyUr687-_cQ?si=1m1sSHyaVYjN2UTM

Tejpratap and Rohini: तेज प्रताप का गुस्सा फूटा

रोहिणी के आरोपों और उनके खिलाफ हुए कथित अपमान पर तेज प्रताप यादव का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लंबा पोस्ट करते हुए अपनी बहन के सम्मान पर हमला होने की बात कही। तेज प्रताप ने लिखा—
मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया, लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह असहनीय है। सुन लो जयचंदो, परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी। अब सुदर्शन चक्र चलेगा।
तेज प्रताप ने यह भी कहा कि कुछ चेहरे लगातार परिवार को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं और इन लोगों ने तेजस्वी यादव की “बुद्धि पर पर्दा डाल दिया है।” उनका यह बयान सीधे-सीधे पार्टी नेतृत्व और संगठन के भीतर मौजूद गुटबाजी की ओर इशारा करता है। https://youtube.com/shorts/rH4XgBKefss?si=ww_CKg1HsHKivKSr

“पिता जी, एक संकेत दीजिए…”

तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से भी अपील की। उन्होंने लिखा कि एक बार लालू यादव संकेत दे दें तो बिहार की जनता इन “जयचंदों” को राजनीतिक जमीन दिखा देगी। तेज प्रताप के इस बयान से साफ है कि वे परिवार के सम्मान को राजनीतिक लड़ाई से कहीं ऊपर रख रहे हैं। उनका कहना है कि यह विवाद किसी दल की लड़ाई नहीं, बल्कि बहन की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है। उनकी इस भावनात्मक अपील से पार्टी और परिवार के भीतर संघर्ष और तेज होने की संभावना बढ़ गई है। [caption id="attachment_117370" align="alignnone" width="636"] तेज प्रताप ने किया पोस्ट[/caption]

चुनावी हार बनी विवाद की जड़

Tejpratap and Rohini: बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को भारी नुकसान हुआ है। पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई, जबकि महागठबंधन को 35 सीटें मिलीं। राजद ने इस चुनाव में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन नतीजे उम्मीद से बेहद कम आए। चुनाव हार के बाद से ही पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। अब परिवार के भीतर खुली कलह ने यह संकेत दे दिया है कि राजद को आगे बड़े राजनीतिक और संगठनात्मक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

नई सरकार बनाने की तैयारी अंतिम चरण में, दिल्ली में अमित शाह की हाई-लेवल बैठक

Bihar BJP JDU CM Candidate: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर अगले सप्ताह राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार बनाने की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है।
अमित शाह की हाई-लेवल बैठक
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