SIR के खिलाफ ममता बनर्जी ने खोला मोर्चा, धरने पर बैठी, आयोग पर आरोप
Mamata Banerjee SIR Protest: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जीवित और पात्र लोगों के नामों को भी डिलीट किए जाने के खिलाफ ममता बनर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। ममता बनर्जी कोलकाता के भीड़भाड़ वाले सेंट्रल हिस्से में आने वाले Esplanade मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठी हैं। चुनाव आयोग द्वारा काफी लोगों को मृत घोषित किए जाने को निशान बनाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आज 22 वोटरों के परिवार धरने में आ रहे हैं।
धरने पर बैठी दीदी
ममता बनर्जी कोलकाता में SIR के खिलाफ धरने पर ऐसे वक्त पर बैठी हैं जब बंगाल में चुनावों की घोषणा में होने में बस गिनती के दिन बचे हैं। 15 मार्च के आसपास चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की उम्मीद है। ममता ने आरोप लगाया कि पोस्ट-SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से मनमाने तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं। BJP और चुनाव आयोग बंगाली मतदाताओं को वोट देने से रोकने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे साजिश को बेनकाब करेंगी।
People from across the state, wronged by BJP–ECI’s SIR exercise, have gathered at Dharmatala at the call of Smt. @MamataOfficial for a powerful dharna. These are citizens whose names have been deleted from the electoral rolls, arbitrarily placed “under adjudication,” or who have… pic.twitter.com/Qdr1mad1Ry
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 6, 2026
CM ममता ने लगाए आरोप
TMC प्रमुख ने आरोप लगाया कि संशोधित वोटर सूची में कई मतदाताओं को गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया। ममता ने कहा कि ऐसे लोगों को वे धरना स्थल पर लाकर दिखाएंगी, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृतक के रूप में दर्ज कर दिया है। यह धरना दोपहर करीब 2:15 बजे शुरू हुआ था। प्रदर्शन प्रदेश में चुनाव आयोग के पूरे दल के प्रस्तावित दौरे से 2 दिन पहले हो रहा है। इसकी घोषणा TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने की थी। बता दे, 28 फरवरी को चुनाव आयोग ने पोस्ट-SIR के बाद संशोधित वोटर लिस्ट जारी की थी। इसके बाद से ही सत्तारूढ़ TMC और चुनाव आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है।
[caption id="attachment_139142" align="alignnone" width="1269"]Mamata Banerjee SIR Protest: कई लोगों के नाम कटे
बंगाल में SIR प्रोसेस में हर तरफ नाराजगी है, जिसमें कथित मौतें, आरोप, तूफानी मीटिंग और कभी-कभी हुई हिंसा की घटनाएं शामिल हैं। राज्य में अब तक कुल वोटरों में से 63.66 लाख या 8.3% के नाम हटा दिए गए हैं। लगभग 60.06 लाख वोटरों की किस्मत अधर में लटकी हुई है, जिसका फैसला न्यायिक अधिकारी करेंगे। SIR प्रोसेस पूरा होने के बाद बंगाल में वोटरों की कुल संख्या 7.04 करोड़ है, जो पहले के 7.66 करोड़ से कम है। अभी भी 60 लाख वोटर पर फैसले का शक है, जिसका मतलब है कि आखिरी गिनती में यह संख्या कम हो सकती है।