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खामेनेई की हत्या सोनिया ने की निंदा, PM के इजरायल दौरे की टाइमिंग पर सवाल

Sonia Gandhi Khamenei PM: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में उनकी मौत हुई। भारत के कई नेताओं ने अयातुल्ला अली खामनेई की हत्या की निंदा की और उन्हें भारत का ‘एक भरोसेमंद दोस्त’ बताया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सोनिया का सरकार पर निशाना

इसे लेकर कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई की टारगेटेड हत्या पर भारत सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह भी मांग की कि जब बजट सत्र के दूसरे हिस्से के लिए संसद शुरू हो, तो सरकार की ‘परेशान करने वाली चुप्पी’ पर खुलकर और बिना किसी टालमटोल के बहस होनी चाहिए। 

Sonia Gandhi Khamenei PM: PM का इजरायल दौरा

सोनिया गांधी ने कहा, टाइमिंग की वजह से यह बेचैनी और बढ़ गई। खामेनेई की हत्या से ठीक 48 घंटे पहले, प्रधानमंत्री इजरायल के दौरे से लौटे थे। यहां उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को अपना समर्थन दिया था। जबकि गाजा संघर्ष में आम लोगों की मौतों से दुनिया भर में गुस्सा है। 

‘रिश्तों के सरकार के लिए मायने नहीं’

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को यह याद रखना चाहिए कि अप्रैल 2001 में, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तेहरान के ऑफिशियल दौरे के दौरान, ईरान के साथ भारत के गहरे रिश्तों को गर्मजोशी से दोहराया था। उन्होंने आरोप लगाया, “उन लंबे वक्त से चले आ रहे रिश्तों को मानना ​​हमारी मौजूदा सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखता। 

 क्या बोले राहुल?

इधर, राहुल गांधी ने सोनिया के आर्टिकल की तस्वीर के साथ X पोस्ट में लिखा- जब किसी विदेशी नेता की टारगेटेड किलिंग के बाद हमारे देश की तरफ से सॉवरेनिटी या इंटरनेशनल लॉ का कोई साफ बचाव नहीं होता और इम्पार्शियलिटी छोड़ दी जाती है, तो इससे हमारी फॉरेन पॉलिसी की दिशा और क्रेडिबिलिटी पर गंभीर शक पैदा हो जाता है। इस मामले में, चुप रहना न्यूट्रल नहीं है।