झारखंड ने दावोस में दिखाई अपनी रणनीतिक क्षमता, वैश्विक चर्चा में उभरा
ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच झारखंड ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में अपनी रणनीतिक क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने क्रिटिकल मिनरल्स पर एक उच्चस्तरीय वैश्विक संवाद का आयोजन किया, जिसमें भारत, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी सहित कई देशों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए।
इस ग्लोबल हाइब्रिड राउंड टेबल का विषय “भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक: झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स के अवसर” रहा। चर्चा के दौरान यह तथ्य विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 क्रिटिकल मिनरल्स में से 20 झारखंड में पाए जाते हैं। यह झारखंड को न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा बल्कि जियो-सिक्योरिटी और जियो-इकोनॉमिक रणनीति का भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाता है। प्रतिभागियों ने माना कि स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और भविष्य की तकनीकों में झारखंड की भूमिका आने वाले वर्षों में निर्णायक होगी।