यहां बच्चे किताबों का नहीं, पहले उफनते नाले का इम्तिहान पास करते हैं… टंगरी टोली की दर्दनाक कहानी

Ark Sahuliyar

बारिश आते ही टापू बन जाता है टंगरी टोली, पुल नहीं होने से तीन महीने तक थम जाती है बच्चों की पढ़ाई