सनस्क्रीन पर लिखा PA+++ क्या बताता है? सिर्फ SPF नहीं, ये भी है स्किन प्रोटेक्शन का बड़ा राज

Mansi Kumari

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बीच सनस्क्रीन अब सिर्फ एक ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं बल्कि स्किन के लिए जरुरी सुरक्षा कवच बन चुकी हैं. ज्यादातर लोग सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF नंबर देखते है लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते है कि उसकी पैकेजिंग पर PA+, PA++ या PA+++ भी लिखा होता हैं. स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह रेटिंग आपकी त्वचा को UVA किरणों से मिलने वाली सुरक्षा को दर्शाती है, जो स्किन को अंदर तक नुकसान पहुंचा सकती हैं.

सिर्फ SPF ही नहीं काफी
आमतौर पर SPF यानी Sun Protection Factor को ही सनस्क्रीन का सबसे जरुरी हिस्सा माना जाता हैं. SPF त्वचा को सूरज की UVB किरणों से बचान में मदद करता है, जो सनबर्न और स्किन जलने जैसी समस्याओं का कारण बनती है लेकिन सूरज की UVA किरणें भी कम खतरनाक नहीं होती. ये त्वचा की गहराई तक पहुंचकर टैनिंग, झुर्रियां, पिगमेंटेशन और समय से पहले एजिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं. सी वजह से अब स्किन एक्सपर्ट्स SPF के साथ-साथ PA रेटिंग पर भी ध्यान देने की सलाह देते हैं.

आखिर क्या होता है PA रेटिंग?
PA का मतलब होता है 'Protection Grade of UVA'. यह बताता है कि कोई सनस्क्रीन UVA किरणों से आपकी त्वचा को कितनी अच्छी सुरक्षा दे सकता हैं. जितने ज्यादा + होंगे, उतनी ज्यादा सुरक्षा मानी जाती हैं.

PA+ का क्या मतलब है?
PA+ वाली सनस्क्रीन हल्के स्तर की UVA सुरक्षा देती हैं. यह उन लोगों के लिए सही मानी जाती है, जो ज्यादातर समय घर, ऑफिस या कम धूप वाले माहौल में रहते हैं. अगर आप दिन में बहुत कम समय के लिए बाहर निकलते है तो यह आपके लिए पर्याप्त हो सकती हैं.

PA++ क्यों माना जाता है बेहतर?
PA++  मध्यम स्तर की सुरक्षा को दर्शाता हैं. यह रोजाना बाहर आने-जाने वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प माना जाता हैं. सामान्य धूप में यह स्किन को टैनिंग और हल्के सन डैमेज से बचाने में मदद करता हैं. 

PA+++ का मतलब क्यों है ज्यादा सुरक्षा?
PA+++ हाई लेवल प्रोटेक्शन को दिखाता हैं. यह तेज धूप, लंबे समय तक बाहर रहने और गर्मियों के मौसम में ज्यादा प्रभावी माना जाता हैं. यह स्किन को UVA किरणों से बेहतर बचाव देखर टैनिंग, पिगमेंटेशन और समय से पहले एजिंग जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद कर सकता हैं.

अब बाजार में आ चुका है PA++++
स्किन केयर मार्केट में अब PA++++ रेटिंग वाली सनस्क्रीन भी आने लगी हैं. यह सबसे हाई UVA प्रोटेक्शन केटेगरी मानी जाती हैं. खासतौर पर उन लोगों के लिए इसे बेहतर माना जाता है, जो लंबे समय तक धूप में रहते है या जिनकी स्किन बेहद सेंसिटिव होती हैं.

सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

क्यों जरूरी है सही सनस्क्रीन?
डॉक्टर्स के अनुसार, लगातार धूप में रहने से स्किन डैमेज का खतरा बढ़ सकता हैं. सही सनस्क्रीन न सिर्फ टैनिंग से बचाती है, बल्कि लंबे समय तक स्किन को हेल्दी और जवान बनाए रखने में भी मदद करती हैं. इसलिए अगली बार सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF नहीं, बल्कि PA रेटिंग पर भी जरूर ध्यान दें.

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