CM Sukhu Finance Minister Meeting: बजट से पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। दिल्ली में हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य हिमाचल की आर्थिक स्थिति और राज्य की वित्तीय जरूरतों पर चर्चा करना था। CM सुक्खू ने बैठक में राज्य की वित्तीय चुनौतियों और विकास योजनाओं के लिए केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक मदद देने की मांग की।
CM सुक्खू की वित्त मंत्री से मांग
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की पहाड़ी और पर्वतीय जमीन देश के लिए बहुत खास है, इसलिए इन राज्यों के विकास और सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। CM ने राजस्व घाटा अनुदान कम से कम 10,000 करोड़ प्रतिवर्ष तय करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने पहाड़ी राज्यों के लिए ‘ग्रीन फंड' बनाने की मांग की, जिसमें सालाना 50,000 करोड़ का प्रावधान रखा जाए।
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CM सुक्खू ने की वित्त मंत्री से मुलाकात[/caption]
CM Sukhu Finance Minister Meeting: ग्रीन फंड से लेकर बजट
CM सुक्खू ने बताया कि पर्वतीय राज्य देश की ‘ग्रीन फ्रंटियर्स' हैं और पर्यावरण, वन और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सीएम ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों के लिए डिजास्टर रिस्क इंडेक्स में अलग मानक और अलग आवंटन होना जरूरी है।
2% उधार लेने की अनुमति
CM Sukhu Finance Minister Meeting: राजस्व घाटा और वित्तीय दबाव को देखते हुए CM सुक्खू ने राज्य को GSDP का अतिरिक्त 2% उधार लेने की अनुमति देने की सिफारिश भी की। इससे राज्य को विकास कार्य और बुनियादी ढांचे में तेजी लाने में मदद मिलेगी। माना जा रहा है की ये बैठक बजट से पहले हिमाचल और केंद्र के बीच सहयोग को मजबूत करने और हिमाचल की वित्तीय जरूरतों से केंद्र को अवगत कराने का महत्वपूर्ण मौका रहा।