औद्योगिक क्रांति की राह पर बिहार: उद्योग, निवेश और आधुनिक शहरों से बदल रही राज्य की तस्वीर

sawan kumar

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार अब औद्योगिक और आधारभूत संरचना विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। सरकार निवेश, नए शहरों और रोजगार आधारित योजनाओं के जरिए राज्य की तस्वीर बदलने की

औद्योगिक क्रांति की राह पर बिहार

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -  पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में विकास की रफ्तार अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। उनके अनुसार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी नीतियों और योजनाओं के कारण बिहार तेजी से औद्योगिक और तकनीकी विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सुशासन और आर्थिक समृद्धि को साथ लेकर विकास मॉडल तैयार कर रही है। सड़कों, उद्योगों, तकनीकी केंद्रों और शहरी सुविधाओं के विस्तार से बिहार की पहचान अब बदलती दिखाई दे रही है। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि युवाओं और किसानों के लिए स्थायी अवसर तैयार करना है।

हाईलाइट्स  - 

उद्योग और रोजगार को लेकर सरकार का बड़ा लक्ष्य

मंगल पांडेय ने बताया कि राज्य सरकार ने बिहार में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में लाखों करोड़ रुपये का निवेश राज्य में लाना है, ताकि उद्योगों का विस्तार हो सके और रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसी दिशा में हजारों एकड़ भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित और अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि अगले चरण में और जमीन उपलब्ध कराने की योजना है। टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फार्मा सेक्टर में बड़े उद्योग लगाने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की कृषि क्षमता को देखते हुए मक्का, मखाना, केला और लीची आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत कई मेगा फूड पार्क और एमएसएमई पार्क विकसित किए जा रहे हैं। बिहटा में स्थापित आधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नए शहरों और हवाई सुविधाओं से बदलेगी तस्वीर

राज्य के बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार नए सेटेलाइट शहरों और ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत पटना, गया और भागलपुर के आसपास आधुनिक सुविधाओं वाले नए शहरी क्षेत्रों का रोडमैप तैयार किया गया है। साथ ही नागरिक उड्डयन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार की तैयारी भी की जा रही है। सरकार प्रमुख एयरपोर्टों के आसपास एरोसिटी, लॉजिस्टिक हब और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना बना रही है, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा। सुल्तानगंज में प्रस्तावित विश्वस्तरीय एयरपोर्ट को सीमांचल और कोसी इलाके के आर्थिक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। नेताओं का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार निवेश, व्यापार और आधुनिक आधारभूत संरचना के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

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