मेडल लाओ, नौकरी पाओ: बिहार के खिलाड़ियों के लिए सम्राट सरकार का बड़ा फैसला

sawan kumar

बिहार सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने के लिए खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव कर रही है। मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना को मजबूत करने के साथ राज्यभर में खेल ढांचे का

मेडल लाओ, नौकरी पाओ

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना - बिहार सरकार राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। लक्ष्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिले। इसके लिए प्रखंड स्तर पर निर्माणाधीन आउटडोर स्टेडियमों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला स्तर पर खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जा रही है। इन परिसरों के बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।

हाईलाइट्स - 

खिलाड़ियों को सुविधाएं और रोजगार, सरकार की प्राथमिकता

खेल विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। राज्य सरकार की “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि युवा खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हों। साथ ही पंचायत स्तर पर नियमित खेल प्रतियोगिताओं और खेल उत्सवों के आयोजन की योजना बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान मिल सके।

खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक स्टेडियमों पर जोर

राज्य में खेलों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए राजगीर स्थित खेल विश्वविद्यालय में नए और रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को खेल शिक्षा के साथ बेहतर करियर विकल्प भी मिलेंगे। इसके अलावा हजारों पंचायतों में खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है और शेष कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पटना के डुमरी खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम विकसित करने तथा राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि मजबूत खेल ढांचा और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल नीतियां बिहार को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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