31 मई तक खत्म होगा मकान गणना अभियान, घर-घर पहुंच रहे प्रगणक पूछेंगे 33 अहम सवाल

sawan kumar

जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और गणना का कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर अभियान को सफल बनाएं।

AI सांकेतिक तस्वीर ।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -  जनगणना के पहले चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन की ओर से यह प्रक्रिया 31 मई तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। अब इस अभियान को समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में प्रगणक लगातार घर-घर जाकर लोगों से जरूरी जानकारियां एकत्र कर रहे हैं। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे प्रगणकों का सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि गणना कार्य समय पर पूरा हो सके। इस दौरान मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या और घर में उपयोग हो रहे अलग-अलग चूल्हों जैसी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं।

हाईलाइट्स - 

33 सवालों के जवाब देना होगा अनिवार्य

जनगणना प्रक्रिया के दौरान परिवार के मुखिया से कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है। इनमें मकान के निर्माण का प्रकार, उसमें रहने वाले लोगों की संख्या, सुविधाओं की उपलब्धता और अन्य सामाजिक व आर्थिक जानकारियां शामिल हैं। जो लोग पहले ही ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करा चुके हैं, उन्हें प्रगणकों को अपना जनरेट हुआ आईडी नंबर बताना होगा। इससे अधिकारियों को ऑनलाइन डाटा का सत्यापन करने और रिकॉर्ड अपडेट करने में आसानी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गलत या अधूरी जानकारी देने से भविष्य में सरकारी योजनाओं और रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए सभी लोग पूरी सतर्कता के साथ जानकारी साझा करें।

शिकायतों के समाधान के लिए बनाया गया नियंत्रण कक्ष

मकान गणना से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के निपटारे के लिए जिला प्रशासन ने विशेष शिकायत प्रकोष्ठ सह नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अपर जिला जनगणना अधिकारी सह जिला योजना पदाधिकारी विदुर भारती को इसका नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्राप्त शिकायतों का समाधान पांच दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा नगर परिषद, नगर पंचायत, दानापुर छावनी परिषद और सभी प्रखंड कार्यालयों में भी शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर शिकायत रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें प्राप्त शिकायतों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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