मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद गया में फायर विभाग का बड़ा अभियान, 42 होटल-हॉस्पिटल को नोटिस

sawan kumar

मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद गया में फायर विभाग ने विशेष अभियान चलाकर 73 अस्पतालों और 86 होटलों का ऑडिट किया, जिसमें 42 संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई।

गया जी ।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

अभिषेक राज / गयाजी -  मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद बिहार अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गया जिले में भी व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू किया गया है। मंगलवार को जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में अस्पतालों और होटलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसके बाद सिनेमा हॉल, अपार्टमेंट, पेट्रोल पंप तथा अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।

हाईलाइट्स - 

 73 अस्पताल और 86 होटलों की जांच, 42 संस्थानों में मिली खामियां

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल ड्राइव के तहत अब तक जिले के 73 अस्पतालों और 86 होटलों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा चुका है। जांच के दौरान 42 अस्पताल और होटल ऐसे पाए गए, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरण और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग की ओर से संबंधित संस्थानों को प्रपत्र-‘स’ जारी किया गया है, ताकि वे निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर कर सकें।

 नियमों की अनदेखी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, भवन भी हो सकते हैं सील

अमन कुमार सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित संस्थान अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर भवनों को सील करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके। 

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