कोचिंग की जंग या लोकप्रियता की लड़ाई? गुरु रहमान बोलें, सबसे बड़ा नुकसान छात्रों का

sawan kumar

पटना में चल रहे कोचिंग विवाद पर शिक्षक गुरु रहमान ने खान सर और रोशन आनंद के खिलाफ तीखा बयान दिया है। उन्होंने दोनों पर छात्रों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए खान सर की गिरफ्तारी की मांग भी की है।

गुरु रहमान ।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -  पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और उससे जुड़े विवाद को लेकर शिक्षक गुरु रहमान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खान सर और रोशन आनंद के बीच चल रहा विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि यह काफी लंबे समय से जारी है। गुरु रहमान ने आरोप लगाया कि दोनों पक्ष लगातार सुर्खियों में बने रहने के लिए विवाद को हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक यह मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक ऐसे विवाद आगे भी जारी रहेंगे। गुरु रहमान ने दोनों शिक्षकों के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कोई 12 हजार सफल छात्रों का दावा कर रहा है तो कोई 14 हजार का, लेकिन इन दावों की सच्चाई पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

हाईलाइट्स - 

‘शिक्षक नहीं, शिक्षा जगत पर कलंक’

गुरु रहमान ने बिहार के कोचिंग संस्थानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के कई बड़े कोचिंग संस्थान केवल छात्रों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सफलता के बड़े-बड़े आंकड़े पेश किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और होती है। उन्होंने कहा कि खान सर और रोशन आनंद दोनों शिक्षक के नाम पर कलंक हैं और शिक्षा के मूल उद्देश्य से भटक चुके हैं। गुरु रहमान ने आरोप लगाया कि छात्रों को पढ़ाई की ओर प्रेरित करने के बजाय उन्हें सड़कों पर उतारकर नारेबाजी करवाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों का समय और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का माहौल बनाने के बजाय व्यक्तिगत वर्चस्व की लड़ाई लड़ी जा रही है।

गिरफ्तारी की मांग, सुरक्षा पर भी उठाए सवाल

गुरु रहमान ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस तरह रोशन आनंद की गिरफ्तारी हुई है, उसी प्रकार खान सर के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और डीजीपी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। गुरु रहमान ने कहा कि किसी एक स्थान पर हजारों छात्रों की भीड़ जुटना गंभीर सुरक्षा चुनौती है। यदि किसी कारणवश भगदड़ जैसी घटना हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने पूरे विवाद की तुलना भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की प्रतिद्वंद्विता से करते हुए कहा कि “खान सर पवन सिंह और रोशन आनंद खेसारी लाल यादव की तरह व्यवहार कर रहे हैं।” उनका कहना था कि जब तक इस तरह की प्रतिस्पर्धा और विवाद जारी रहेंगे, तब तक समाज में शिक्षकों की प्रतिष्ठा लगातार गिरती रहेगी।

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