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रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बुरे दिन शुरू हो गये हैं! पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक घोटाले की परते अब खुलने वाली हैं. इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय भी सक्रिय हो गया है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को समन जारी किया है. ED के अधिकारी शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के लिए समन देने कालीघाट स्थित आवास पहुंचे थे. लेकिन अभिषेक बनर्जी वहां नहीं मिले. बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारी इससे पहले अधिकारी शांति निकेतन स्थित अभिषेक के आवास गए थे. वहां भी वह मौजूद नहीं थे. जानकारी के अनुसार, ईडी ने जो समन जारी किया है, उसको लेकर 16 जून को पूछताछ होनी है.
समन लेकर गये अधिकारियों को यह भी पता चला कि डायमंड हार्बर के सांसद कालीघाट में ममता की एक पार्टी नेताओं की बैठक में शामिल गये हैं. लेकिन वहां भी अभिषेक बनर्जी नहीं मिले.अधिकारी काफी देर तक बाहर खड़े रहे. बाद में एक प्रतिनिधि को समन सौंपकर अधिकारी वापस लौट गये.
ईडी द्वारा टीएमसी के किसी नेता के लिए समन जारी किया जाने पार्टी के लिए एक और मुसीबत की तरह है, क्योंकि पार्टी इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है. एक तो पार्टी के अन्दर बगावती सुर तेज हैं ही, उस पर कोढ़ में खाज की तरह पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है. ऋतुब्रत के नेतृत्व में 80 में से 58 विधायकों के गुट को विधानसभा अध्यक्ष ने मान्यता दे दी है, जिसके बाद ऋतुब्रत बनर्जी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन गये हैं. यानी अब पार्टी पर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का प्रभाव खत्म हो गया है. इतना ही नहीं, हाल ही में अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला भी हुआ था.
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