म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का बोधगया दौरा: महाबोधि मंदिर में पूजा और बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर किया ध्यान

sawan kumar

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में दर्शन-पूजन कर बौद्ध परंपराओं के अनुसार आस्था व्यक्त की। उन्होंने बोधिवृक्ष के नीचे ध्यान लगाया और सुजाता मंदिर सहित अन्य धार्मि

म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का बोधगया दौरा

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना / बोधगया -  बोधगया स्थित विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में शनिवार सुबह लगभग 10:15 बजे म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का आगमन हुआ। मंदिर परिसर में पहुंचते ही बौद्ध भिक्षुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मंदिर के केयरटेकर भिक्षुओं द्वारा उन्हें खादा भेंट कर सम्मान प्रकट किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और श्रद्धापूर्ण बन गया। राष्ट्रपति मुख्य सुरक्षा द्वार से पैदल चलते हुए मंदिर परिसर में दाखिल हुए और सीधे गर्भगृह पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बुद्ध के समक्ष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धा भाव से खीर अर्पित की और बौद्ध परंपरा के अनुसार चीवर चढ़ाकर आस्था व्यक्त की। मंदिर प्रशासन ने उन्हें महाबोधि मंदिर के ऐतिहासिक महत्व, उसकी धार्मिक मान्यताओं और संरचना से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी।

हाईलाइट्स -

बोधिवृक्ष के नीचे ध्यान, सुजाता मंदिर और अन्य स्थलों का दौरा

गर्भगृह में पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति परिसर के पीछे स्थित पवित्र बोधिवृक्ष के पास पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ समय तक ध्यान लगाया और वृक्ष को नमन किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर की परिक्रमा की और विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मुचलिंद सरोवर में भी जाकर मछलियों को दाना खिलाया, जो उनके दौरे का एक विशेष आकर्षण रहा। आगे कार्यक्रम के अनुसार वे बकरौर गांव स्थित सुजाता मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके अलावा उन्होंने महाबोधि मेडिटेशन सेंटर का दौरा किया और वहां म्यांमार के भिक्षु चन्द्रमुनी से मुलाकात कर आध्यात्मिक विषयों पर संक्षिप्त बातचीत की। पूरे दौरे के दौरान उनका कार्यक्रम धार्मिक आस्था और बौद्ध संस्कृति से गहराई से जुड़ा दिखाई दिया।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, यातायात में बदलाव और प्रस्थान कार्यक्रम

राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए बोधगया और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी। महाबोधि मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया और आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक भी लगाई गई। पूरे मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, विशेषकर एयरपोर्ट से मंदिर और सुजाता मंदिर तक के रास्तों पर विशेष निगरानी रखी गई। यातायात व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए, हालांकि स्थानीय लोगों और आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ मार्गों पर नियंत्रित आवाजाही की अनुमति दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी धार्मिक स्थलों का दौरा पूरा करने के बाद राष्ट्रपति दोपहर करीब 2:30 बजे गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से वे विशेष विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हुए।
 

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