10 सर्कुलर रोड पर आखिरी दिन का सस्पेंस, क्या होगा लालू परिवार का अगला कदम?

sawan kumar

पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास खाली करने के लिए राबड़ी देवी को दी गई समयसीमा 15 जून को समाप्त हो रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लालू परिवार तय अवधि में बंगला खाली करता है

लालू परिवार

 न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -   बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड के सरकारी आवास को खाली करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 15 जून तक का समय दिया गया था। सोमवार को इस निर्धारित अवधि का अंतिम दिन होने के कारण राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय से लालू प्रसाद यादव का परिवार इस सरकारी आवास में रह रहा है, इसलिए इस बंगले से जुड़ा मामला केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने भी आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि परिवार तय समयसीमा के भीतर आवास खाली करता है या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी को भी नया मुद्दा दे दिया है।

हाइलाइट्स - 

नई आवासीय व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर विवाद

राज्य सरकार ने राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया है। जानकारी के अनुसार परिवार की नई व्यवस्था इसी आवास और कुछ अन्य निजी परिसरों में की जा रही है। इस बीच राजद सांसद मीसा भारती ने भी संकेत दिया था कि परिवार निर्धारित समय से पहले ही बंगला खाली कर देगा। दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आया। राबड़ी देवी, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने सुरक्षा में कटौती का आरोप लगाते हुए सरकारी सुरक्षा वापस कर दी थी। इसके बाद राजद कार्यकर्ता स्वयं आवास के बाहर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते दिखाई दिए। वहीं यह भी चर्चा है कि कौटिल्य नगर स्थित एक नए बंगले का निरीक्षण किया गया है, जहां परिवार के कुछ सदस्य भविष्य में शिफ्ट हो सकते हैं।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की संभावनाएं

इस मामले को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय बना हुआ है। अधिकारियों ने आवास पर पहुंचकर निर्धारित अवधि के भीतर बंगला खाली करने का अनुरोध भी किया था। सरकारी नियमों के तहत नोटिस जारी होने के बाद यदि तय समयसीमा का पालन नहीं किया जाता है, तो आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जा सकती है। हालांकि कुछ समय पहले राबड़ी देवी ने इस नोटिस पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि वे आवास खाली नहीं करेंगी और सरकार चाहे तो बल प्रयोग कर सकती है। ऐसे बयानों के कारण यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 10 सर्कुलर रोड केवल एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी रहा है। ऐसे में सोमवार का दिन इस पूरे विवाद की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।