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मेरठ की जाट संसद में CM भगवंत मान ने बोला केंद्र पर तीखा हमला, बोले-‘विश्व गुरु नहीं, विश्व चेला बन गया देश’

Punjab news: मेरठ के सकौती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद रविवार को उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गई, जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, किसान समस्याओं और विदेश नीति को लेकर कई सवाल उठाए, जिससे कार्यक्रम का माहौल राजनीतिक रंग में रंग गया। रविवार को हितकारी किसान इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे पंजाब मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार की नीतियों पर खुलकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और गरीबी चरम पर है, जबकि केंद्र सरकार इन मुद्दों को छिपाने में लगी हुई है।

[caption id="attachment_139292" align="alignnone" width="1200"] पंजाब सीएम मान[/caption]

सीएम मान ने तंज कसते हुए कहा कि “देश को विश्व गुरु बनाने की बातें की गईं, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि फैसले विदेशों से तय हो रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते तेल और एलपीजी संकट का असर भारत में पड़ रहा है, लेकिन इसके लिए पहले से कोई तैयारी सुनिश्चित नहीं की गई।

प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर खड़े किये सवाल

आगे, सीएम मान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विदेश दौरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी इस बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि समन्वय बेहतर हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

राज्यों के अधिकार और किसानों का मुद्दा उठाया मुख्यमंत्री मान ने फिर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने पंजाब मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां किसानों को एमएसपी पर फसल का पूरा दाम मिलता है और भुगतान सीधे उनके खातों में पहुंच जाता है। साथ ही साथ किसानों को पर्याप्त बिजली भी उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रतिमा अनावरण और वैश्विक भागीदारी

इस मौके पर वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की 20 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया, जिसकी लागत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई। कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों से जाट समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए।

अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक अध्यक्ष रामावतार पलसानिया ने कहा कि यह प्रतिमा समाज के आत्मसम्मान और इतिहास की जीवंत पहचान है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल ने किया।

11 प्रस्तावों पर बनी सहमति जाट संसद में समाज के उत्थान के लिए 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें युवाओं को शिक्षा और इतिहास से जोड़ना, नशा मुक्ति अभियान चलाना, जाट महापुरुषों को सम्मान दिलाना और सामाजिक एकता को मजबूत करना प्रमुख रहे। साथ ही आरक्षण, शिक्षा और सामाजिक समरसता से जुड़े मुद्दों पर भी जोर दिया गया।