राजस्थान
पुष्कर मेला 2025 की शुरुआत: 2 से 11 लाख तक के आए घोड़े
Pushkar Mela 2025: पुष्कर मेला 2025 की शुरुआत बुधवार से हो गई है। पहले दिन से ही मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और टूरिस्ट की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि, मेले में घोड़ों की संख्या अभी भी सीमित है, वहीं ऊंटों की संख्या 200 के पार पहुँच चुकी है।
बरेली से आए जुबैद ने बताया कि वे मेले में 11 घोड़े लेकर आए हैं। इन घोड़ों की कीमत 2 लाख से 11 लाख रुपए तक बताई जा रही है। पुष्कर मेला 2025 की विधिवत शुरुआत 30 अक्टूबर को ध्वजारोहण के साथ होगी।
2 से 11 लाख तक के आए घोड़े[/caption]
पुष्कर मेले के तीन चरण
पुष्कर मेला इस बार तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसमें शामिल हैं:- पशु मेला – जिसमें ऊंट, घोड़े और अन्य पशु प्रदर्शित किए जाते हैं।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम – स्थानीय कलाकारों और कलाकार समूहों द्वारा प्रस्तुतियां।
- धार्मिक मेला – जिसमें श्रद्धालु ब्रह्मा मंदिर और सरोवर के घाट पर स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं।
बालू-रेत से बनाई गई कलाकृतियां
मेले के लिए पुष्कर के बाजार पहले ही सज चुके हैं। देसी और विदेशी सैलानी मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। पशुओं की लगातार आवक जारी है। स्थानीय कलाकार अजय रावत द्वारा बालू-रेत से बनाई गई कलाकृतियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इसके अलावा, ब्रह्मा मंदिर और अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। शासन ने अनुमान लगाया है कि 1 से 5 नवंबर तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है।Pushkar Mela 2025: वन-वे ट्रैफिक योजना
भीड़ बढ़ने के कारण यातायात पर असर पड़ा है। मुख्य मार्गों जैसे सावित्री माता लिंक रोड टी-पॉइंट, पुरानी आरटीडीसी और पशु मेले के मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बन गई है। इस साल, पुष्कर मेला में वन-वे ट्रैफिक योजना 1 से 5 नवंबर तक लागू रहेगी। इससे पहले यह व्यवस्था केवल दो दिन के लिए होती थी।- सरकारी वाहनों और मेला ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के निजी वाहनों के लिए अलग-अलग पास जारी किए गए हैं।
- वन-वे ट्रैफिक से मुख्य मार्गों पर गाड़ियों का नियंत्रण रखा जाएगा।