राजस्थान

बेणेश्वर धाम से जनजातीय विकास के नए अध्याय का शुभारंभ, CM ने दी 1902 करोड़ की सौगात

Janjatiya Gaurav Divas: राजस्थान के डूंगरपुर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र बेणेश्वर धाम से जनजातीय विकास के नए अध्याय का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनजातीय समाज के विकास और सम्मान को लेकर बड़ा संदेश दिया। राज्य स्तरीय राजस्थानी जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने 1902 करोड़ रुपये की लागत से 326 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं का लाभ डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जैसे जनजाति बहुल जिलों को मिलेगा। 

[caption id="attachment_141381" align="alignnone" width="1165"] मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा[/caption]

जनजातीय समाज का योगदान

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान की प्रगति में जनजातीय समाज का योगदान बेहद अहम रहा है। सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए गंभीरता से काम कर रही है। शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगातार लाई जा रही है, ताकि इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

एक जिला एक पर्यटन योजना

मुख्यमंत्री भजनलाल ने बताया कि एक जिला एक पर्यटन योजना के तहत बेणेश्वर धाम को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 130 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई, जिससे यहां पर आधारभूत सुविधाएं बेहतर होंगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। 

स्कूटी और टैबलेट का वितरण

इस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने बालिकाओं को स्कूटी वितरित की। वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों की लखपति दीदियों को टैबलेट और ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण राज्य के विकास की मजबूत नींव है। इसी के साथ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनजातीय कला और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मानगढ़ नरसंहार का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के बलिदान को देश की मुख्यधारा में सही स्थान दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। 

[caption id="attachment_141382" align="alignnone" width="1176"] मुख्यमंत्री शर्मा ने बालिकाओं को स्कूटी वितरित की[/caption]

Janjatiya Gaurav Divas: वाल्मीकि मंदिर में पूजा

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बेणेश्वर धाम परिसर में स्थित वाल्मीकि मंदिर और हरि मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने बेणेश्वर धाम को आदिवासी समाज का प्रमुख आस्था केंद्र बताया और इसके विकास पर आधारित लघु फिल्म देखी।