एक भारतीय भी खेल रहा FIFA World Cup, आस्ट्रेलिया की ओर से खेलने उतरा मैदान में, 1950 में भारत ने किया था क्वालिफाई...

Pramod Kumar,News11 Bharat,

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: FIFA World Cup विश्व का बहुत बड़ा खेल आयोजन है. लेकिन इतना बड़ा खेल आयोजन होने के बाद भी इसमें भारत की उपस्थिति नदारद होती है. यदा-कदा कोई भारतीय खिलाड़ी इस बड़े खेल आयोजन में भले दिख जाता है, लेकिन भारत को यहां अपनी उपस्थिति बनाने में कितना वक्त लगेगा, कहना मुश्किल है, क्योंकि भारतीय फुटबॉल अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा है, जो यहां पहुंचने के लिए जरूरी है.

खैर, भारतीयों के लिए खुश होने की एक छोटी-सी वजह FIFA World Cup 2026 में मिली है. वह वजह यह है कि एक भारतीय मूल का खिलाड़ी अब तक हुए मैचों में मैदान पर नजर आया है. निशान वेलुपिल्लै नामक भारतीय मूल का खिलाड़ी आस्ट्रेलिया की ओर से तुर्की के खिलाफ मैदान पर खेलता हुआ नजर आया है. बता दें कि वेलुपिल्लै से पहले 20 वर्ष एक और भारतीय मूल का फुटबॉलर फीफा विश्व कप में दिखा था.  2006 के विश्व कप में भारतीय मूल के प्लेयर दोरासू ने फ्रांस की तरफ से खेलता हुआ दिखा था. 

निशान वेलुपिल्लै को FIFA World Cup 2026 में तुर्की के खिलाफ मैदान पर उतरे थे. यह उनका डेब्यू मैच था. इस मुकाबले के 61वें मिनट में उन्हें बतौर विकल्प मैदान पर उतारा गया था. ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 2-0 से जीता था. 

7 मई 2001 को जन्मे निशान वेलुपिल्लै मूल रूप से भारत के तमिलनाडु से जुड़े हैं. वेलुपिल्लै की मां गिलियन वेलुपिल्लै एंग्लो-इंडियन थीं. वेलुपिल्लै की पढ़ाई ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से हुई है. यहीं रहते हुए उन्होंने फुटबॉल से खुद को जोड़ लिया. मेलबर्न में वह विक्ट्री यु्वा अकादमी से जुड़े और पेशेवर फुटबॉलर के रूप में उन्होंने खुद को स्थापित किया. यह उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है कि आज वह आस्ट्रेलिया की नेशनल टीम का हिस्सा हैं. 2024-25 सीजन में उन्होंने अपने करियर का सबसे शानदार प्रदर्शन किया जिसके कारण उन्होंने राष्ट्रीय टीम से जुड़ने का मौका मिला. बता दें कि चीन के खिलाफ विश्व कप क्वालीफायर में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और विपक्षी के खिलाफ गोल भी दागा था.

1950 में विश्व कप फुटबॉल का हिस्सा था भारत

बता दें कि 1950 ब्राज़ील विश्व कप के लिए भारत ने क्वालिफाई किया था. यही इकलौता मौका था जब उसने विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया था. हालांकि भारत के क्वालिफाई करने की कहानी भी रोचक है. क्योंकि बर्मा, फिलीपींस और इंडोनेशिया के नाम वापस लेने के कारण इन टीमों के खिलाफ उसे वॉकओवर मिला और भारत सीधे क्वालिफाई कर गया. मगर पैसों की कमी के कारण AIFF ने टीम को ब्राज़ील नहीं भेजा. AIFF के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपने खिलाड़ियों के लिए जूते भी मुहैया करा सके. फीफा ने नंगे पांव खेलने से मना भी कर दिया था. वैसे भी भारतीय खिलाड़ी जूते पहन कर खेलने के आदी नहीं थे. इस तरह से भारत ने अपना इकलौता मौका भी गंवा दिया था.

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