BRS ने बदला नाम और रणनीति, KCR की नई राजनीतिक यात्रा
बीआरएस की ताकत-केसीआर का चेहरा और हर वर्ग के लिए योजनाएं

केसीआर ने अक्टूबर में पार्टी का नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) से बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) किया तो राष्ट्रीय राजनीति में उतरने की मंशा जता दी। बीआरएस का कहना है कि केसीआर तीसरी बार सरकार बना रहे हंै। पार्टी के सचिव के. नरेंद्र रेड्डी कहते हैं- केसीआर बुजुर्गों के लिए बेटे, महिलाओं के लिए भाई और युवाओं के लिए ‘मामा’ हैं। जन्म, पढ़ाई, शादी, इलाज, खेती-किसानी तक हर कदम पर कोई न कोई योजना दी है। कांग्रेस कर्नाटक मॉडल पर चुनाव लड़ रही... यहां 6 गारंटी पर भरोसा 2018 के चुनाव में कांग्रेस 19 सीटों पर सिमट गई। 11 विधायकों के पाला बदलने से कांग्रेस में 8 विधायक बचे। हालांकि, कर्नाटक की जीत ने संजीवनी दी। कांग्रेस प्रवक्ता रोहन गुप्ता कहते हैं- भारत जोड़ो यात्रा ने संगठन को एक्टिव कर दिया है। हमने यहां भी 6 गारंटी दी हैं। इनमें महिलाओं को सरकारी बसों में फ्री यात्रा, 200 यूनिट फ्री बिजली जैसी घोषणाएं हैं। हम जीत रहे हैं, इसीलिए 3 पूर्व सांसद और 22 पूर्व विधायक भाजपा-बीआरएस छोड़ कांग्रेस में आए हैं। भाजपा का फोकस- आक्रामक प्रचार, हिंदुत्व, जातीय गणित पर