देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थियों का धरना 58 घंटे से जारी, सरकार ने मानी नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगें
देहरादून में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर जारी नर्सिंग अभ्यर्थियों का पानी की टंकी पर चल रहे प्रदर्शन को 58 घंटे हो गए है। अब ये प्रदर्शन जल्द खत्म हो सकता है। पानी की टंकी पर बैठीं ज्योति रौतेला ने बताया कि डीजी हेल्थ की ओर से नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों का प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन को भेज दिया गया है। अब सिटी मजिस्ट्रेट और SP सिटी मौके पर पहुंचकर नर्सिंग एकता मंच के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे।
58 घंटे का धरना
ज्योति ने कहा कि प्रस्ताव की कॉपी मिलने के बाद नर्सिंग एकता मंच के सदस्य उसे देखेंगे। यदि अभ्यर्थी इस प्रस्ताव से संतुष्ट होते हैं तो धरना खत्म किया जा सकता है। अगर मांगों में किसी तरह के बदलाव या नए बिंदु जोड़ने की जरूरत महसूस हुई तो आगे की रणनीति उसी आधार पर तय होगी। फिलहाल अंतिम फैसला अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। इससे पहले दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। नर्सिंग अभ्यर्थियों के समर्थन में पानी की टंकी पर चढ़ीं ज्योति रौतेला और 4 अन्य को 58 घंटे से अधिक वक्त हो चुका है।
26 दिनों से आमरण अनशन
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि लगातार धूप और सुविधाओं की कमी के कारण उनकी तबीयत खराब हो रही है और शरीर पर रैशेज भी हो गए हैं। ज्योति ने दावा किया कि सोमवार सुबह 5 बजे से उन्होंने न खाना खाया है और न ही पानी पिया। वहीं, नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान ज्योति ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया था, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए और परेड ग्राउंड के बाहर चक्का जाम दिया।
देर रात DG हेल्थ सुनीता टम्टा ने नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल किशोर पुंडीर से बातचीत की और आंदोलन खत्म करने की अपील की। फिलहाल सड़क से जाम हटवा दिया गया, लेकिन धरना अब भी जारी है।