गोरखपुर में फॉर्च्यूनर का कहर, 30 मिनट तक रेलिंग पर लटकी रही MBBS छात्र की लाश
मौत की रफ्तार
घटना रात करीब 9:30 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फॉर्च्यूनर ओवरब्रिज पर गलत दिशा से आ रही थी। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसने सामने से आ रहे बाइक सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्कूटी सवार एक युवक उछलकर ओवरब्रिज की रेलिंग और जालियों के बीच फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
[caption id="attachment_138774" align="alignnone" width="1164"]30 मिनट तक लटकी रही लाश
आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और देखते ही देखते ओवरब्रिज पर भीड़ लग गई। लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने छात्र को रेलिंग से नहीं उतारा। करीब 30 मिनट शव रेलिंग से लटका रहा। इसके बाद राहगीर की सूचना पर पुलिस पहुंची और छात्र को नीचे उतारा और अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत के बाद उसका दोस्त भी अस्पताल पहुंचा। शव देखकर फूट-फूटकर रोने लगा और कहने लगा डॉक्टर, मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए।
[caption id="attachment_138772" align="alignnone" width="1167"]Gorakhpur Accident MBBS Student: आरोपी गिरफ्तार
हादसे के बाद प्रॉपर्टी डीलर गोल्डेन साहनी कार लेकर फरार हो गया। पुलिस ने 1 घंटे बाद उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। संतकबीरनगर के रहने वाले 22 साल के आकाश पांडेय BRD मेडिकल कॉलेज के MBBS थर्ड ईयर के छात्र थे। आकाश बुधवार को होली मनाने के बाद देर शाम दोस्त अनूप के घर गया था। वहां उसने खाना खाया। रात 10 बजे वह वापस हॉस्टल जा रहा था, तभी हादसा हो गया। एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की सूचना मिलते ही साथी डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर डॉक्टरों को शांत कराया।
[caption id="attachment_138773" align="alignnone" width="1157"]एकलौते बेटा था
आकाश संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां माफी वार्ड नंबर 10 का निवासी था। पिता देवेंद्र पांडेय की टेंट की दुकान है। मां लीलावती देवी हाउस वाइफ हैं। आकाश पांडेय मां-बाप के इकलौते बेटे थे। मौत की सूचना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।