MP में राशन दुकानों पर मिलेगा किराना : जन पोषण केंद्र बनेंगी दुकानें
मध्य प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक उपयोगी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की सरकारी उचित मूल्य (राशन) दुकानों को अब ‘मुख्यमंत्री जन पोषण मार्ट’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत लाभार्थियों को राशन के साथ-साथ रोजमर्रा का किराना और पोषण सामग्री भी किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
चार जिलों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग इंदौर में सफल प्रयोग के बाद अब इस योजना का विस्तार कर रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर, देवास, सागर और धार जिलों की राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र में बदला जाएगा।विभागीय अधिकारियों के अनुसार इंदौर में शुरू की गई मुख्यमंत्री जन पोषण मार्ट योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे दुकानों का संचालन कर रहे महिला स्व-सहायता समूहों और सहकारी समितियों की आय बढ़ी है, वहीं उपभोक्ताओं को बाजार की तुलना में सस्ती दरों पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध हुई है।
हजारों राशन दुकानों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत इंदौर, देवास, सागर और धार जिले की हजारों उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें इंदौर की 673, देवास की 759, सागर की 1145 और धार की 848 राशन दुकानें शामिल हैं।सरकार का मानना है कि इन जिलों में सफलता मिलने के बाद इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में होगा विस्तार
योजना के अगले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों की उचित मूल्य दुकानों को भी चरणबद्ध तरीके से जन पोषण मार्ट में परिवर्तित किया जाएगा। इससे अधिक संख्या में हितग्राहियों को एक ही स्थान पर राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी।
क्या है योजना का उद्देश्य?
सरकार इस पहल के जरिए राशन दुकानों को केवल खाद्यान्न वितरण केंद्र तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें बहुउद्देश्यीय जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और सहकारी समितियों की आय बढ़ेगी, लाभार्थियों को बेहतर पोषण सामग्री मिलेगी तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी।
राशन दुकान पर क्या-क्या मिलेगा?
जन पोषण केंद्रों में खाद्यान्न के अलावा मोटा अनाज, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, राजमा, चना और विभिन्न प्रकार की दालें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा दूध, पनीर, मसाले, चायपत्ती, शक्कर, पोहा, रवा, नमकीन, बिस्किट जैसी खाद्य सामग्री भी बेची जाएगी।रोजमर्रा के घरेलू उपयोग की वस्तुओं में साबुन, सोडा और अन्य आवश्यक किराना सामान भी उपलब्ध रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि लाभार्थियों को एक ही स्थान पर आवश्यक खाद्य एवं घरेलू सामग्री आसानी से मिल सके।
महिला समूहों को मिलेगा आर्थिक लाभ
इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। राशन दुकानों में अतिरिक्त उत्पादों की बिक्री से उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।