उत्तरकाशी में दलितों को धार्मिक यात्रा में भागीदारी से रोकने पर विवाद
उत्तरकाशी के भराण गांव में गंगा दशहरा पर निकाली जाने वाली सोमेश्वर देवता की धार्मिक यात्रा में दलित समाज के लोगों को शामिल न करने का मामला सामने आया। विवाद बढ़ने पर दलित समाज के लोग न्यायालय परिसर पहुंचे और वकीलों से मदद मांगी।
दलितों को भाग लेने से किया मना
गंगा दशहरा के अवसर पर सोमेश्वर देवता की डोली को गंगोत्री धाम ले जाने की परंपरा है। इस धार्मिक यात्रा में आमतौर पर सभी वर्गों के लोग शामिल होते हैं। इस बार यात्रा के लिए हर परिवार से 400-500 रुपये का सहयोग लिया जा रहा था। आरोप है कि जब दलित समाज के लोग सहयोग राशि देने पहुंचे तो कुछ लोगों ने राशि लेने से मना कर दिया। साथ ही कहा कि वे मुख्य यात्रा में शामिल नहीं हो सकते और उन्हें अपनी देव डोली अलग से ले जानी चाहिए।
दोनों पक्षों में समझौता
भेदभाव के आरोप से नाराज दलित समाज के लोग सीधे कोर्ट परिसर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से मामले में कानूनी मदद और याचिका दायर करने की मांग की। इसके बाद बार एसोसिएशन के कुछ लोगों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। समझौते का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण वापस लौट गए। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी गांव से देव डोली के साथ ग्रामीण यमुनोत्री, गंगोत्री और डोडीताल की यात्रा करते रहे हैं। उनके अनुसार, यह पहली बार है जब यात्रा को लेकर इस तरह का विवाद हुआ है। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद दोनों पक्ष सहमत हो गए हैं और मामला फिलहाल शांत है।