CM डॉ मोहन ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन,MP-UP सहयोग सम्मेलन में होंगे शामिल
mp-up sahyog sammelan: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी पहुंचे। जहा उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की। जिसके बाद मुख्यमंत्री MP-UP सहयोग सम्मेलन 2026 में दोनों राज्यों के बीच व्यापार पर चर्चा करते हुए दिखाई देंगे।
[caption id="attachment_144252" align="alignnone" width="1191"]mp-up sahyog sammelan: बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन
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mp-up sahyog sammelan: यूपी सरकार के मंत्रियों ने किया स्वागत
दरअसल, मुख्यमंत्री यादव दोनों राज्यों की साझेदारी को लेकर आयोजित हो रहे एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंचे हुए हैं। इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उनका स्वागत किया। वहीं, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया।
सिंहस्थ 2028 के लिए काशी में सीएम
मंदिर दर्शन के बाद सीएम काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में सैर करने के लिए पहुंचे। जहा वे क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को करीब से देखेंगे।काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का यह दौरा महज धार्मिक नहीं है। इसके पीछे एक बड़ी तैयारी भी है। मध्यप्रदेश में 2028 में उज्जैन सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। उसकी तैयारियां जोरों पर हैं।
काशी में मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन में दोनों राज्यों के बीच व्यापार और निवेश पर विस्तार से चर्चा होगी।साथ में यहां एक भव्य एक्जीबिशन भी लगाई जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश के ODOP (One District One Product) मॉडल और जीआई टैग (GI Tag - Geographical Indication Tag) प्रोडक्ट डिस्प्ले किए जाएंगे। इस ग्रैंड एक्जीबिशन में ट्रेडिशनल क्लोथ्स और इंडस्ट्रियल कैपेबिलिटीज का डेमोंस्ट्रेशन होगा।
विक्रमोत्सव महानाट्य की तैयारी
दोपहर बाद सीएम डॉ मोहन यादव वाराणसी के BLW मैदान पहुंचेंगे। यहां 3 से 5 अप्रैल तक विक्रमोत्सव महानाट्य का आयोजन होना है। सीएम इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियों का सेल्फ इंस्पेक्शन करेंगे।
ये नाटक राजा विक्रमादित्य के ग्लोरियस हिस्ट्री पर बेस्ड है। वाराणसी जैसी सांस्कृतिक नगरी में इसका मंचन विशेष महत्व रखता है। शाम 6:05 बजे वे वाराणसी से वापस भोपाल के लिए रवाना होंगे।