उत्तर प्रदेश

राम मंदिर में राम यंत्र की स्थापना, राष्ट्रपति बोली - अयोध्या स्वर्ग से भी बढ़कर

Ram Mandir Ram Yantra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या के राम मंदिर पहुंची। यहां उन्होंने दूसरी मंजिल पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की, इस दौरान पुजारियों ने मंत्रोच्चारण किया, जिससे पूरा मंदिर मंत्रों से गूंज उठा। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामलला के दर्शन किए और आरती की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और 3 आचार्य भी मौजूद रहे। 

अयोध्या का दूसरा दौरा

सीएम योगी ने राष्ट्रपति मुर्मू को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। राष्ट्रपति करीब साढ़े 10 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति मुर्मू का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई 2024 को अयोध्या आई थीं, तब उन्होंने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन किए थे।

राम यंत्र के बारे में

मंदिर में स्थापित राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया है। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या लाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ी हुई है। राम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान श्राम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया गया। इसे शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

[caption id="attachment_141912" align="alignnone" width="1269"] राम यंत्र[/caption]

Ram Mandir Ram Yantra: भारत में शांति 

CM योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- देश में आज राम राज्य है। दुनिया के तमाम देशों में आज उथल-पुथल मची हुई है, जबकि भारत में शांति है। हम यहां श्रीराम यंत्र की स्थापना कर रहे हैं। ये नया और बदलता हुआ भारत देश है। CM ने कहा- लोग पहले कहते थे ये दिगभम्रित भारत है, लेकिन ऐसा नहीं है। भारत आज दुनिया के तमाम देशों को दिशा दिखा रहा है। आज लोग नया साल मनाने के लिए बाहर कम मंदिरों में ज्यादा जाते हैं।

 

अयोध्या स्वर्ग से भी बढ़कर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- अयोध्या में प्रभु राम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना सौभाग्य की बात है। भगवान राम ने अयोध्या को स्वर्ग से भी बढ़कर बताया था। अयोध्या सभी राम भक्तों के लिए भी सबसे अधिक प्रिय है। युद्ध के बाद भगवान राम के माता सीता और भाई के साथ अयोध्या लौटने का कलात्मक चित्रण संविधान के पेज पर देखने को मिलता है। मुझे इस चित्र को देखकर प्रसन्नता होती है।