उत्तराखंड

Changes Education Policy UK: उत्तराखंड में शिक्षा नीतियों में किया गया बदलाव!

Changes Education Policy UK: उत्तराखंड में शिक्षा नीतियों में बदलाव किया गया है। शिक्षा विभाग परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। सभी उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के बाद कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। फिर विशेष सॉफ्टवेयर उन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेगा और ऑनलाइन होने की वजह से रिजल्ट भी जल्दी तैयार किया जा सकेगा।

उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन की जाएगी चेकिंग

उत्तराखंड की शिक्षा निति बदलाव किया गया है। अब उत्तर पुस्तिकाओं को शिक्षक नहीं बल्कि कंप्यूटर जाचेंगे। अब ऑनलाइन माध्यम से कंप्यूटर में फीड करने के बाद अंको का मूल्याकंन किया जाएगा। इस बदलाव से शिक्षको को काफी सुविधा मिलेगी। उनका टाइम बचेगा और बता दें कि, यह व्यावस्था उत्तराखंड के स्कूलों में लागू किया जाएगा। पहले यह व्यावस्था सिर्फ नौवीं कक्षा तक के लिए की जा रही है।

बोर्ड की परीक्षाओं में भी व्यवस्थाओं में होगा बदलाव

अभी सिर्फ 9वीं की ही कक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं जांची जाएंगी। इससे समय बचेगा और बिना किसी झोलझाल के मूल्यांकन किया जा सकेगा। उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के बाद साफ्टवेयर उत्तर जांच कर उत्तर के आधार पर नंबर देगा। इतना ही नहीं ऑनलाइन काम होने की वजह से 2-3 दिन में ही आसानी से रिपोर्ट कार्ड तैयार हो जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के अनुसार, राज्य की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और डिजिटल क्रांति की दिशा में फैसला किया गया है। अब विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से मूल्यांकन प्रणाली को डिजिटल किया जा रहा है।

कक्षा 4 से 9 तक के लिए होगी यह व्यवस्था

फरवरी 2026 से कक्षा 4 से 9 तक के ‘पहल डायग्नोस्टिक असेसमेंट’ और कक्षा 1 और 2 में ‘निपुण एंडलाइन असेसमेंट’ के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (ओसीआर) टेक्निक का उपयोग किया जाएगा। ऐसा साफ्टवेयर जो हाथ से लिखे हुए अक्षरों, टाइप किए गए टेक्स्ट या प्रिंटेड डेटा को पहचानकर उसे डिजिटल डेटा में बदलेगा फिर उत्तरों की जांच करने के बाद छात्र को अंक देगा।
नकल रोकने के लिए की गई व्यावस्था
उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद के रामनगर स्थित सभागार में 1 फरवरी यानी की शनिवार को बैठक हुई। इस दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं से नकल खत्म करने के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर टीमों के गठन का निर्णय लिया गया। बोर्ड सचिव विनोद कुमार सिमल्टी के अनुसार, 'इस साल हाईस्कूल में 112266, इंटरमीडिएट में 102986 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए हैं। राज्य के 1261 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें से 156 संवेदनशील और 6 अति संवेदनशील हैं। प्रदेश में 13 मुख्य संकलन व 26 उप संकलन केन्द्र होंगे। परिषदीय परीक्षा 21 फरवरी से 20 मार्च तक होगी।'