चारधाम यात्रा से पहले सरकार का यू-टर्न, बिना लिमिट के होंगे दर्शन
Chardham Yatra Update: चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले उत्तराखंड सरकार ने बड़ा यू-टर्न लिया है। ‘कैपिंग’ यानी रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या तय करने की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- अब किसी भी श्रद्धालु को दर्शन करने से नहीं रोका जाएगा, चाहे तादात कितनी भी हो। यह निर्णय तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद लिया गया है।
10 लाख रजिस्ट्रेशन
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। अब तक करीब 10 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जबकि GMVN के जरिए 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। पहले पर्यटन विभाग ने योजना बनाई थी कि केदारनाथ में रोजाना 18,600 और बद्रीनाथ में 21,600 श्रद्धालुओं की लिमिट रहेगी।
Chardham Yatra Update: लिमिट लागू नहीं
लेकिन अब मुख्यमंत्री धामी ने साफ कर दिया है कि सामान्य यात्रा में कोई लिमिट लागू नहीं होगी। दरअसल, चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने कैपिंग और टोकन सिस्टम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मुख्य सचिव को सौंपे गए 11 सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया कि यह लिमिट अव्यावहारिक है। श्रद्धालुओं को बेवजह रोका जाता है। राज्य सरकार को रोक-टोक के बजाय सुविधाएं बढ़ानी चाहिए। इस विरोध के बाद सरकार हरकत में आई और फैसला बदल दिया गया।
[caption id="attachment_143094" align="alignnone" width="1143"]CM के निर्देश
CM पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा और परिवहन बेहतर हों। श्रद्धालुओं को वक्त पर सही जानकारी मिले और किसी को भी असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश के लिए बड़ा अवसर है, इसलिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।