देहरादून में आत्महत्या करने वाली डॉ. की ऑडियो रिकॉर्डिंग आई सामने, HOD पर आरोप
Dehradun Doctor Suicide: देहरादून के SGRR मेडिकल कॉलेज की महिला पीजी डॉक्टर ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। वह नेत्र रोग विभाग में MS तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थीं। CO सदर अंकित कंडारी के मुताबिक अंबाला निवासी डॉ. तन्वी देहराखास में मां के साथ रहती थीं। मंगलवार रात उनकी नाइट ड्यूटी थी। तन्वी ने रात 11:30 बजे मां को मैसेज किया कि वह 12:30 बजे तक घर आ जाएंगी। उसी शाम अंबाला से पिता डॉ. ललित मोहन भी देहरादून आए थे।
[caption id="attachment_143221" align="alignnone" width="924"]कार में मिली बेहोश
काफी वक्त तक बेटी से संपर्क न होने पर पिता उसे तलाशने निकल पड़े। इंदिरेश अस्पताल के पास तन्वी को कार में बेहोश देख उनके होश फाख्ता हो गए। पिता ने पत्थर से कार का शीशा तोड़ा और बेटी को हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या करने वाली डॉ. तन्वी मानसिक तनाव में थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह पहले भी 2 बार आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी। बेटी की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी मां उसके साथ देहरादून के देहराखास में किराये के कमरे में रह रही थीं।
Dehradun Doctor Suicide: ऑडियो रिकॉर्डिंग
हरियाणा के अंबाला की डॉ. तन्वी के सुसाइड करने के मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है। 4 महीने से परेशान चल रही डॉ. तन्वी ने अपनी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट से हुई बातचीत की एक वॉयस रिकॉर्डिंग की थी। मरने से पहले तन्वी ने अंबाला में पिता ललित मोहन को फोन पर कहा था… बहुत परेशान हो गई हूं। अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी। करीब आधे घंटे की यह ऑडियो रिकॉर्डिंग पिता को भी भेजी थी। इसी साल जुलाई में तन्वी के फाइनल एग्जाम थे, उसकी MS की डिग्री कंप्लीट हो जाती। वहीं, CO देहरादून का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज की नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता पर FIR दर्ज कर ली है। हर पहलू से जांच की जा रही है।
HOD पर आरोप
इधर, वीरवार सुबह अंबाला के रामबाग में डॉ. तन्वी के अंतिम संस्कार में काफी संख्या में लोग पहुंचे। पिता ने बेटी की चिता को मुखाग्नि दी। पिता का कहना है कि डिपॉर्टमेंट में डॉ. प्रियंका गुप्ता को नया HOD बनाया गया। डॉ. प्रियंका बेटी को परेशान करने लगी। HOD ने शुरुआत से ही तन्वी को डराना-धमकाना शुरू कर दिया और उसे पहले के HOD से किसी भी तरह का संपर्क रखने से मना कर दिया। जहां तन्वी को उसके एग्जाम में परफॉर्मेंस के आधार पर पहले अच्छे नंबर मिलते थे, बाद में उसके लॉग बुक में अचानक कम या जीरो नंबर दिए गए। बेटी को फाइनल एग्जाम में फेल करने की धमकी दी गई।