उत्तराखंड

उत्तराखंड में बनेंगे 51 रोपवे, धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर जाना होगा आसान

Uttarakhand Ropeway Projects: उत्तराखंड में राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 51 रोपवे प्रोजेक्ट्स विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। करीब 160.75 किलोमीटर लंबे इस मास्टरप्लान में पहाड़ों के कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ने की तैयारी है। इन 51 में से 2 रोपवे प्रोजेक्ट्स पर फिलहाल काम तेजी से जारी है, जबकि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब सहित 4 मेगा रोपवे प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की तैयारी है।

यात्रियों के लिए सुविधा

इसके अलावा अन्य रोपवे प्रोजेक्ट्स फिलहाल DPR और प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के चरण में हैं, जिन पर उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड (URDL) के जरिए आगे की प्रक्रिया की जारी है। प्रस्तावित नेटवर्क में सबसे ज्यादा रोपवे पौड़ी में बनाए जाने का प्लान है। पर्यटन विकास बोर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर निदेशक दीपक खंडूरी के मुताबिक रोपवे उन स्थानों तक पहुंच का बेहतर विकल्प हैं जहां सड़क बनाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से तीर्थ यात्रियों की यात्रा आसान होगी और स्थानीय पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

[caption id="attachment_141541" align="alignnone" width="1320"] उत्तराखंड में बनेंगे 51 रोपवे[/caption]

Uttarakhand Ropeway Projects: इन परियोजना पर काम

  1. देहरादून के पुरकुल से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक बनने वाला यह रोपवे प्रदेश के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में शामिल है। करीब 285 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। इसमें 10 यात्रियों की क्षमता वाले 71 केबिन लगाए जाएंगे और देहरादून से मसूरी तक का सफर लगभग 20 मिनट में पूरा होगा। 
  2. चंपावत में पूर्णागिरी मंदिर तक पहुंच आसान बनाने के लिए यह रोपवे बनाया जा रहा है। करीब 35 करोड़ की लागत वाली इस योजना का निर्माण कार्य जारी है। 
  3. टिहरी में प्रस्तावित इस रोपवे के लिए मई 2025 में एक स्विस तकनीकी कंपनी को तकनीकी सहयोग के लिए चुना गया है। करीब 4.9km लंबे इस रोपवे के लिए फिलहाल भूमि सर्वेक्षण और अंतिम मार्ग तय करने का काम चल रहा है। 
  4. यमुनोत्री धाम तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोपवे बनाया जा रहा है। करीब 167 करोड़ की लागत इस योजना में आएगी। 
  5. रुद्रप्रयाग में बनने वाले इस रोपवे का ठेका अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिया गया है। करीब 1276.45 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना में कंपनी प्रदेश सरकार को राजस्व का 42% हिस्सा देगी।