अचानक रो पड़ी CM धामी की पत्नी, बोली - पति पर लगाए झूठे आरोप
CM Dhami Wife Emotional: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी मंच पर रोती नजर आई। गीता धामी देहरादून के परेड ग्राउंड में उत्तरायणी कौथिग में शिरकत करने गई थीं। मंच से अपने संबोधन के दौरान वह भावुक हो गईं और उनके आंसू निकल आए।
‘CM पर लगाए झूठे आरोप’
गीता धामी ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी ने अपने परिवार के लिए एक दिन का समय नहीं निकाला। वह 4 साल राज्य की सेवा में लगे रहे। नकल विरोधी कानून बनाकर 26000 लोगों को नौकरियां दी। इसके बावजूद उनके ऊपर झूठे आरोप लगाए आरोप लगाए जा रहे है।
भावुक हुई गीता धामी
अपने आंसुओं को पोछते हुए गीता धामी ने कहा- 'कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि CM धामी धर्म के खिलाफ UCC लाए और लिव इन को मान्यता दी। जबकि लिव इन रिलेशनशिप को सुप्रीम कोर्ट पहले ही मान्यता दे चुका है। CM धामी ने सिर्फ उसके लिए नियम और कानून बनाए। जब तक नियम और कानून नहीं होता है, हमारा समाज सभ्य नहीं बनता। ये असभ्य लोग चिल्लाकर-चिल्लाकर झूठ बोलते हैं और सच्चाई आराम से अपना काम करती है जैसे मुख्यमंत्री काम करते हैं।'
[caption id="attachment_133397" align="alignnone" width="1365"]CM Dhami Wife Emotional: गृहणी होने पर गर्व
इस दौरान उनकी आवाज भर्रा गई, आंखों से आंसू छलक पड़े और सामने बैठे हजारों लोग खामोश होकर उन्हें सुनते रह गए। CM धामी की पत्नी ने अपने भाषण की शुरुआत गृहणियों के सम्मान से की। उन्होंने कहा,
जो महिलाएं खुद को ‘हाउसवाइफ’ कहने में शर्म महसूस करती हैं, उन्हें शर्म नहीं, गर्व होना चाहिए। ये गृहणियां इतिहास रचती हैं। अगर गृहणियां नहीं होंगी, तो देश के वीर कहां से आएंगे? अगर माता कौशल्या नहीं होतीं तो भगवान राम कहां से आते? अगर माता देवकी नहीं होतीं तो भगवान कृष्ण कहां से आते?”
गीता धामी ने मुख्यमंत्री धानी की मां बिशना देवी का भी नाम लिया कहा,
अगर मेरी सासू मां घर-गृहस्थी न संभालतीं, तो आज पुष्कर सिंह धामी राज्य की सेवा कैसे कर पाते?
इस दौरान वे खुद को संभाल नहीं पाई और उनके आंसू छलक गए।
CM धामी का बयान
CM Dhami Wife Emotional: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरायणी कौथिग महोत्सव ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की आत्मा को जीवित किया है। CM ने जागर, झोड़ा, छपेली, पांडव नृत्य जैसे लोक रूपों को संरक्षित करने की जरूरत बताई और कहा, अगर नियत साफ हो, तो हर क्षेत्र में नई ऊंचाई हासिल की जा सकती है।
परेड ग्राउंड, देहरादून में @SEWASANKALP_ORG द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया। pic.twitter.com/LTr9AZoehB
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 8, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने बताया, रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड राज्य देश में पहले नंबर पर है। युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी है।