Uttarakhand UCC Ordinance Approval: उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार के समान नागरिक संहिता (UCC) अध्यादेश को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से मंजूरी मिल गई है। अगस्त 2025 में विधानसभा से पास इस अध्यादेश को राज्यपाल ने खामी के साथ वापस भेज दिया था। उत्तराखंड आजादी के बाद UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
राजभवन से मिली हरी झंडी
वर्तमान में प्रदेश की समान नागरिक संहिता कुछ और कठोर प्रावधानों के साथ लागू हो चुकी है। आगामी फरवरी-मार्च में प्रस्तावित बजट सत्र में अध्यादेश को विधेयक के रूप में पारित किया जायेगा। राज्य सरकार ने खामियों को दूर कर और कुछ सख्त प्रावधानों को जोड़कर इसे अध्यादेश के रूप में पेश किया, जिसे राजभवन से हरी झंडी मिल गई।
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UCC अध्यादेश को राजभवन से मिली हरी झंडी[/caption]
Uttarakhand UCC Ordinance Approval: क्या है प्रावधान?
विवाह-तलाक: सभी धर्मों के लिए शादी और तलाक के नियम एक जैसे होंगे। शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
लिव-इन रिलेशनशिप: इसके लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। अगर कोई पहचान छिपाकर लिव-इन में रहता है, तो उसके लिए कठोर सजा और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
बच्चों को अधिकार: लिव-इन रिलेशनशिप से जन्म लेने वाले बच्चे को कानूनी मान्यता दी जाएगी और संपत्ति में अधिकार भी दिया जाएगा।
विवाह की उम्र: लड़कियों के लिए 18 साल और लड़कों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल तय की गई है।
किसे मिलेगी छूट: प्रदेश की जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है, उन्हें इसमें छूट मिलेगी।