Unique Temple OF Hanumanji: मध्यप्रदेश के धुंआ वाले हनुमान जी, 3 बार बदलते हैं स्वरुप!

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Unique Temple OF Hanumanji: मध्यप्रदेश के धुंआ वाले हनुमान जी, 3 बार बदलते हैं स्वरुप!

unique temple of hanumanji मध्यप्रदेश के धुंआ वाले हनुमान जी 3 बार बदलते हैं स्वरुप

Unique Temple OF Hanumanji: भारत में ऐसे कई मंदिर है, जो अपने आप में अद्भुत और चमत्कारिक है। यहां के हर राज्य में अनेको देवी- देवताओं के मंदिर स्थापित है, ऐसे में मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक ऐसा मंदिर है, जहां हनुमान जी 3 रुप में रहते है। वो अपना रुप पूरे दिन रात में 3 बार बदलते हैं। यह मंदिर 'धुंआ वाले हनुमान जी' के नाम से प्रसिद्ध है। यहां चमत्कारिक रुप से यहां धुंआ निकलता है। मान्यता है कि, हनुमान जी अपने भक्तों के संकट से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान स्वंय प्रत्यक्ष के रुप में आते है, अगर एक बार किसी भक्त पर भगवान की कृपा हो गई तो उसके ग्रह- नक्षत्र भी अनुकूल हो जाते है।

कहां है ये मंदिर?

धुंआ वाले हनुमान जी यह मंदिर मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर घाटीगांव तहसील में स्थित हैं।

क्या है विशेष?

इस मंदिर में एक अद्भुत चमत्कार देखने को मिलता है। यहां हनुमान जी दिन भर में 3 बार अपना स्वरुप बदलते है। अगर भगवान को सुबह के समय देखों तो वो अपना बाल स्वरुप धारण किए रहते हैं और दोपहर के समय हनुमान जी अपने युवा अवस्था में आ जाते है। वहीं शाम के समय वो वृद्धावस्था स्वरुप में आ जाते है। यह चमत्कार देखना अपने आपमें सौभाग्य की बात है।

हनुमान जी कैसे हुए प्रकट

यहां विराजमान हनुमान जी स्वभू रुप में विराजमान है। कहा जाता है कि हनुमान जी वहीं स्थित तालाब से प्रकट हुए थे। भगवान का अद्भुत स्वरुप देखकर इस प्रतिमा को वहीं धुंआ गांव में बड़े तालाब के पास ही स्थापित कर दिया गया।

भगवान की प्रतिमा में इंसानों की तरह दिखती हैं नसे

धुंआ गांव में विराजमान यह प्रतिमा बेहद अद्भुद है, इस प्रतिमा में इंशानो की तरह रक्तवाहिनी की नसे नजर आती है। देखकर लगता है, उनकी नसो में रक्त बह रहा हो। स्थानीय निवासी बताते हैं कि, एक बार यहां हनुमान जी के ऊपर टीन शेड डाला रहा था, तो मिस्त्रियों ने प्रतिमा को पत्थर समझकर बिना उसे सुरक्षित किए बिल्डिंग करने लगे , जिसके शोले निकलकर प्रतिमा में जा गिरे जिससे प्रतिमा पर जलने जैसे फफोले पड़ गए। इसी वजह से यहां चमेली का तेल और सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता।

हनुमान जयंती पर उमड़ती है भीड़

हनुमान जयंती के दिन इस मंदिर में भक्तो की काफी भीड़ उमड़ती है। यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। कहते हैं, लोग यहां घंटियां बांधकर भगवान से मन्नत मांगने से भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर में बहुत सी घंटिया बंधी दिखाई देती हैं।

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