बिहार के 27 डैम और 247 तालाब बनेंगे इंटरनेशनल पिकनिक स्पॉट, देखें सरकार का मेगा प्लान

बिहार सरकार 27 डैम और 247 तालाबों को अंतरराष्ट्रीय ईको-टूरिज्म हब बनाएगी। 9 जून को पटना में इन्वेस्टर्स मीट होगी, जहां पीपीपी मॉडल के तहत निवेशकों को 30 साल की लीज पर जमीन मिलेगी।

By Anshuman Parashar
बिहार के 27 डैम और 247 तालाब बनेंगे इंटरनेशनल पिकनिक स्पॉट, देखें सरकार का मेगा प्लान

बिहार के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। राज्य में ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस विजन को जमीन पर उतारने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है। विभाग ने राज्य के 27 बड़े डैमों और 247 ऐतिहासिक तालाबों व पोखरों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्रों के रूप में तब्दील किया जाएगा।

एडवेंचर के शौकीनों के लिए होगी मौज: वॉटर स्पोर्ट्स से लेकर लग्जरी रिसॉर्ट्स तक

इन चिन्हित प्राकृतिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को रोमांच का अनोखा अहसास कराने की तैयारी है। यहां आधुनिक वॉटर स्पोर्ट्स, बोटिंग, ट्रैकिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा, सैलानियों के ठहरने के लिए प्राकृतिक नजारों के बीच वर्ल्ड-क्लास रिसॉर्ट्स और कॉटेज का निर्माण भी किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट में प्राइवेट सेक्टर को लुभाने के लिए राजधानी पटना में आगामी 9 जून को 'ईको टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026' का भव्य आयोजन होने जा रहा है।

निवेशकों को तोहफा: 30 साल की लंबी लीज और आसान शर्तों पर मिलेगी जमीन

बिहार में निजी निवेश (Private Investment) की रफ्तार तेज करने के लिए सरकार ने बेहद लचीली नीति अपनाई है। इस प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जाएगा, जिसके तहत निवेशकों को 30 साल की लंबी अवधि के लिए जमीन लीज पर सौंपी जाएगी। काम को आसान बनाने के लिए विभाग ने सभी जलाशयों और तालाबों को उनकी क्षमता और भौगोलिक स्थिति के अनुसार दो अलग-अलग ग्रेड में विभाजित किया है, ताकि कंपनियों को निवेश करने में कोई उलझन न हो।

अधिकारियों के लिए फैमिली ट्रिप अनिवार्य: पर्यटन को प्रमोट करने का अनोखा आइडिया

बिहार के पर्यटन को घरेलू स्तर पर बूस्ट देने के लिए हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक अनोखा और बड़ा कदम उठाया था। सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे अपनी छुट्टियों के दौरान सपरिवार बिहार के ही पर्यटन स्थलों का दौरा करें। इस फैसले के पीछे सरकार की सोच यह है कि जब स्थानीय लोग और प्रशासनिक अमला खुद इन जगहों को प्रमोट करेगा, तो देश-दुनिया में राज्य के पर्यटन की छवि और मजबूत होगी।