Ratanpur Maa Mahamaya Temple: ऐसा मंदिर जहां गिरा था सती माता का दाहिना स्कंध!

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Ratanpur Maa Mahamaya Temple: ऐसा मंदिर जहां गिरा था सती माता का दाहिना स्कंध!

ratanpur maa mahamaya temple ऐसा मंदिर जहां गिरा था सती माता का दाहिना स्कंध

Ratanpur Maa Mahamaya Temple: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में एक मां महामाया मंदिर है, जहां आदिशक्ति कौमारी शक्तिपीठ के रुप में विराजमान हैं। कहा जाता है कि, इस मंदिर में काल भैरव बाबा स्वंय देवी महामाया माता की रक्षा करते हैं। इस जगह में सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, यहां तक की भूत-प्रेत, जादू-टोना जैसी बाधाओं से छुटकारा मिल जाता है। मान्याता है कि, काल भैरव बाबा के दर्शन के बिना मां महामाया के दर्शन अधूरे माने जाते हैं। [caption id="attachment_134919" align="alignnone" width="1056"]Ratanpur Maa Mahamaya Ratanpur Maa Mahamaya[/caption]

Ratanpur Maa Mahamaya: माता सती का दाहिना स्कंध गिरा

मंदिर पहुंचने के ठीक पहले सिद्ध तंत्र पीठ श्री काल भैरव मंदिर है, पहले उनके दर्शन करने होते हैं, जो शक्तिपीठ का प्रवेश द्वार भी है। कहा जाता है कि, इस स्थान पर ही सती माता का दाहिना स्कंध गिरा था। इसी समय से काल भैरव रक्षक बनकर स्थापित हो गए। तब से मान्यता चली आ रही है कि, हर भक्त पहले भैरव नाथ के दर्शन करने जाते हैं। उसके बाद मां कौमारी महामाया के दर्शन करने जाते है। Also Read-Story of Ganga Descent: भगवान भोलेनाथ को गंगाधर क्यों कहा गया? जानिए कथा…

Ratanpur Maa Mahamaya: सुंदर और शांतिमय वातावरण

मंदिर का विशाल प्रांगण है, जहां एक पवित्र कुंड बना हुआ है, जिसमें बहुत से कमल के फूल खिलते हैं। यहां परिसर में जाने से ही वहां का सुंदर वातावरण दिखाता है, वहां जाकर मन को शुकून और शांति मिलती है।

काफी समय बाद हुआ मंदिर का निर्माण

स्थानीय निवासी बताते हैं कि, पहले काल भैरव की मूर्ति चबूतरे पर विराजमान थी। लेकिन फिर बाद में बाबा ज्ञानगिरी गोसाई ने इस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। और काल भैरव बाबा की 10 फीट ऊंची प्रतिमा को मंदिर में स्थापित कर दिया गया।

प्रचीन काल में जगाए जाते थे मंत्र

इस स्थान पर पहले सिद्ध योगी और तांत्रिक लोग यहां मंत्र जगाने के लिए इस मंदिर में आते थे। यहां आकर तांत्रिक साधना करते थे।
इस स्थान पर होती हैं मनोकामनाएं पूरी
शक्तिपीठ और काल भैरव के दर्शन से शिव-पार्वती की अपार कृपा प्राप्त होती है। सभी प्रकार के कष्ट, जादू-टोना, भूत-प्रेत दोष दूर हो जाते हैं और भक्तों की हर मुराद पूरी होती है।  

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