नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें शनिवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा। शुक्रवार को कनॉट प्लेस में आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था। आठ दिन के भीतर अभिजीत दिपके के खिलाफ यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से हिरासत में लिया गया था, हालांकि अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था।
नेहा बोरा को सुबह पांच बजे किया रिहा
इसी मामले में अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 लोगों को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह करीब पांच बजे नेहा बोरा को आरके पुरम थाने से रिहा कर दिया। पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
पार्टी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने के कई घंटे बाद भी उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे के मुताबिक, पुलिस ने संसद मार्ग थाने में उनके मौजूद होने से इनकार किया और दूसरे थाने में जानकारी लेने को कहा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके वकीलों को हिरासत में लेने का कारण नहीं बताया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गांडे ने भी अभिजीत दिपके की रिहाई की मांग की। उनके अनुसार, दिपके तिरंगा लेकर जा रहे थे और उन्होंने पुलिस से किसी दूसरी जगह जाने का विकल्प भी मांगा था।
नेहा बोरा के साथ व्यवहार पर आइसा ने उठाए सवाल
आइसा ने आरोप लगाया कि नेहा बोरा को हिरासत में लेने के बाद करीब पांच घंटे तक दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। संगठन का दावा है कि देर रात थाने पहुंचे वकीलों को उनसे मिलने नहीं दिया गया। आइसा ने यह भी आरोप लगाया कि नेहा की तबीयत खराब होने की जानकारी के बावजूद उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराने में परेशानी हुई। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
दो अन्य प्रदर्शनकारी पांच दिन की न्यायिक हिरासत में
इससे पहले सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। दोनों को दिल्ली की विशेष अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा था। उनकी हिरासत की अवधि 18 अक्टूबर को समाप्त होनी है, जिसके बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाना है।
तिरंगे के सम्मान को लेकर पुलिस की हिदायतें
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करने और संभालने संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए। इनमें तिरंगे को जमीन पर न घसीटने, उल्टा न फहराने, उस पर कुछ न लिखने और सजावट या वस्तुओं को ढकने के लिए इस्तेमाल न करने जैसी हिदायतें शामिल हैं।