मशरूम खाने की सावधानियाँ

मानसून में मशरूम खाते हैं तो सावधान, जरा-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

मानसून में मशरूम के सेवन से पहले सावधानी बरतें। जानिए कैसे चुनें सही मशरूम और कैसे करें सुरक्षित रख-रखाव।

By : सोनिया रायकवार
मानसून में मशरूम खाते हैं तो सावधान, जरा-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

 

मशरूम स्वाद के साथ-साथ पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, इसलिए इसे हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाया जाता है, लेकिन मानसून के मौसम में मशरूम का सेवन करते समय थोड़ी अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। बारिश के दौरान वातावरण में नमी और आर्द्रता बढ़ने से फंगस और माइक्रोऑर्गेनिज्म तेजी से पनप सकते हैं। ऐसे में गलत तरीके से स्टोर किए गए या खराब मशरूम से पेट संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं इसके सेवन से पहले किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

जंगली मशरूम से सबसे ज्यादा खतरा

बारिश के मौसम में जंगलों, खेतों और खुले स्थानों पर कई तरह के मशरूम उग आते हैं। इनमें कुछ खाने योग्य होते हैं, जबकि कुछ जहरीले भी हो सकते हैं। कई जहरीले मशरूम देखने में सामान्य और खाने योग्य मशरूम जैसे ही दिखाई देते हैं। केवल रंग, आकार या बाहरी बनावट देखकर उनकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि जंगली मशरूम को बिना विशेषज्ञ पहचान के बिल्कुल न खाएं। इसे पकाने, उबालने या सुखाने से हर प्रकार के जहरीले तत्व नष्ट हो जाएं, यह जरूरी नहीं है।

बाजार से खरीदे मशरूम में भी रखें सावधानी

पैकेट या बाजार से खरीदे गए मशरूम अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकते हैं, लेकिन मानसून में उनकी ताजगी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खरीदते समय देखें कि मशरूम बहुत ज्यादा नरम, चिपचिपे या बदरंग तो नहीं हैं। उनमें असामान्य गंध आ रही हो या सतह पर फफूंद दिखाई दे रही हो, तो उन्हें खरीदने या खाने से बचें। मशरूम को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने के बजाय सही तरीके से रेफ्रिजरेट करना बेहतर होता है। पैकेट खोलने के बाद उन्हें जल्द इस्तेमाल करें और खराब दिखने वाले मशरूम को बाकी से अलग कर दें।

अच्छी तरह साफ करना भी जरूरी

मशरूम की सतह पर मिट्टी, धूल या अन्य गंदगी चिपकी हो सकती है। इन्हें पकाने से पहले अच्छी तरह साफ करें। जरूरत के अनुसार साफ पानी से धोकर अतिरिक्त पानी हटा दें। हालांकि, इन्हें लंबे समय तक पानी में भिगोकर रखना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे उनकी बनावट और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मानसून में कच्चे या अधपके मशरूम खाने से बचना भी बेहतर है। इन्हें अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करें, खासकर तब जब मशरूम की ताजगी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त न हों।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को मशरूम की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए। अगर मशरूम खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी या भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग मानकर नजरअंदाज न करें। खासकर जंगली मशरूम खाने के बाद ऐसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

मानसून में मशरूम से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। बस खरीदते समय उसकी ताजगी जांचें, सही तरीके से स्टोर करें, अच्छी तरह साफ करें और पर्याप्त पकाकर ही खाएं। वहीं, अनजान या जंगली मशरूम के मामले में जोखिम लेने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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