CM डॉ मोहन ने दी डेयरी व्यवसाय को नई उड़ान,25 पशु इकाई पर मिल रहे 42 लाख

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CM डॉ मोहन ने दी डेयरी व्यवसाय को नई उड़ान,25 पशु इकाई पर मिल रहे 42 लाख

cm डॉ मोहन ने दी डेयरी व्यवसाय को नई उड़ान25 पशु इकाई पर मिल रहे 42 लाख

Ambedkar Kamdhenu Scheme: मध्य प्रदेश सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के एक नए घटक के रूप में डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना है, जिसके तहत 25 दुधारू पशुओं की इकाई के लिए ₹36 से ₹42 लाख तक की लागत और ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है।

[caption id="attachment_140463" align="alignnone" width="1032"]CM डॉ मोहन ने दी डेयरी व्यवसाय को नई उड़ान CM डॉ मोहन ने दी डेयरी व्यवसाय को नई उड़ान[/caption]

योजना के मुख्य बिंदु:

उद्देश्य: उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाना।

लागत: 25 दुधारू पशुओं की एक इकाई (Unit) के लिए ₹36 से ₹42 लाख तक की लागत

पात्रता: प्रत्येक इकाई के लिए कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि अनिवार्य है।

सीमा: एक व्यक्ति अधिकतम 8 इकाइयां स्थापित कर सकता है।

Ambedkar Kamdhenu Scheme: योजना से मिलने वाले मुख्य लाभ

बड़ी डेयरी यूनिट पर सब्सिडी: 25 से लेकर 200 तक गाय-भैंस पालने के लिए 25% अनुदान,जो पशुपालकों के लिए बड़ी वित्तीय सहायता है।

ऋण और सहायता: 25 पशुओं की यूनिट के लिए ₹36 लाख से ₹42 लाख तक का ऋण और 12 दिनों का निशुल्क प्रशिक्षण।

अनुसूचित जाति/जनजाति को प्राथमिकता: SC/ST वर्ग के लिए 33% और अन्य के लिए 25% सब्सिडी का प्रावधान।

स्वरोजगार: ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन बढ़ाकर युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के नए अवसर मिले हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

संरचनात्मक विकास: पशु शेड के निर्माण और पशुओं के बीमा की सुविधा भी शामिल है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तथा अन्य सभी वर्गों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। शेष राशि बैंक ऋण के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। इस प्रावधान से बड़े निवेश की बाधा काफी हद तक कम हो जाती है और डेयरी बिजनेस शुरू करना भी आसान हो जाता है। योजना में लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और चयन सामान्यत: “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर ही किया जा रहा है। साथ ही उन पशुपालकों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जो पहले से ही किन्हीं दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को निरंतर दुग्ध आपूर्ति कर रहे हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन भी ले सकते हैं।

Ambedkar Kamdhenu Scheme: यह योजना विशेष रूप से प्रदेश में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल के रूप में देखी जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

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