Yashoda Jayanti 2026: इस मंदिर में गोदभराई से होती है संतान की प्राप्ति!

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Yashoda Jayanti 2026: इस मंदिर में गोदभराई से होती है संतान की प्राप्ति!

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Yashoda Jayanti 2026: देश का एकमात्र मंदिर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के खजूरी बाजार, राजवाड़ा के पास स्थिय है, जहां मां यशोद के गोद में भगवान कृष्ण बालरुप में विराजमान है। कहा जाता है, यह देश का इकलौता यशोदा मंदिर है। यह मंदिर करीब 220 से 350 साल पुराना है। यहां यशोदा जयंती के दिन लोग देश - विदेश से संतान प्राप्ति की कामना लेकर माता के दर्शन करने आते हैं।

Yashoda Jayanti 2026: क्या है मान्यता?

मान्यता है कि, इस मंदिर में निःसंतान महिलाएं यहां मां यशोदा की गोद भराई करके संतान प्राप्ति की कामना करती हैं। और मां यशोदा उनकी सूनी गोद भर देती हैं। इस मंदिर की खास बात ये है कि, यहां गोद भराई की रस्म संतान प्राप्ति से पहले की जाती है, जबकि आमतौर पर यह रस्म प्रेगनेंट होने के बाद होती है। इतना ही नहीं जब कोई महिला संतान प्राप्ति की कामना करती है, अगर यह मनोकामना पूरी हो जाती है। तो वो यहां आकर दोबारा मां यशोदा की गोद भराई करते हैं।

इस मंदिर मां यशोदा के साथ विराजमान है अन्य देवता

यहां मां यशोदा की गोद में बालकृष्ण विराजमान है, इसके अलावा नंद बाबा की छोटी सी प्रतिमा विराजमान है। यहां श्रीकृष्ण के साथ राधा और रुक्मणी जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। स्थानीय निवासी बताते है कि, इस मंदिर में हर गुरुवार महिलाएं चावल, नारियल, चुनरी और पूजन सामग्री लेकर मां यशोदा की गोद भरती हैं। साथ ही पुजारी पूरी विधि-विधान के साथ ये रस्में पूरी करवाते हैं। ऐसा करने पर मां संतान प्राप्ति का आशीर्वाद देती है। Also Read-Kartikeya Temple Gwalior: देश का पहला और एकमात्र कार्तिकेय मंदिर!

कैसे हुई मंदिर की स्थापना?

मंदिर के पुजारी के मुताबिक, इस मंदिर का निर्माण आनंदीलाल दीक्षित ने करवाया था। बताया जाता है कि, उन्होंने राजस्थान के जयपुर से संगमरमर की मूर्तियां बनवाई और फिर इंदौर में मंदिर बनवाकर स्थापित की थीं। मान्यता है कि, आनंदीलाल को मां यशोदा का सपना आया था कि जो महिलाएं गुरुवार को मां यशोदा की गोद भराई करेंगी। उन्हें संतान की प्राप्ति होगी। तभी से इस मंदिर में गोदभराई की परंपरा चली आ रही है, जिसे लोग आज भी मानते हैं। Also Read-Yashoda Temple Indore: इस मंदिर में मां यशोदा जयंती पर गोदभराई करने से होती है संतान की प्राप्ति!

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