India Oil and LPG Supply: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारतीय झंडे वाला जहाज तेल लेकर भारत पहुंचा। टैंकर जग लाडकी गुजरात के अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पर पहुंचा।
जहाज में लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है। यह कार्गो UAR से मंगाया गया था और इसे फुजैराह बंदरगाह पर लादा गया। कुल 274.19 मीटर लंबाई और 50.04 मीटर चौड़ाई वाले इस जहाज का डेडवेट टन भार लगभग 164,716 टन और सकल टन भार लगभग 84,735 टन है।
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जग लाडकी जहाज[/caption]
होर्मुज स्ट्रेट पार कर आया जहाज
यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया। इसपर लगभग 5.8–6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा है। भारत में हर रोज लगभग 5.5–5.6 मिलियन बैरल यानी करीब 90 करोड़ लीटर तेल की खपत होती है। इससे पहले मंगलवार को देश का नंदा देवी जहाज गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा था। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लाई गई है।
वहीं, भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंचा था। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG था, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है।
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शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंचा था।[/caption]
100 से ज्यादा मिसाइल
ईरान ने इजराइल की राजधानी समेत 100 से ज्यादा जगहों पर मंगलवार रात को मिसाइल अटैक किया। ईरान का कहना है कि यह हमला लारिजानी, उनके बेटे और बसीज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है। इसी बीच अमेरिका ने बड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की कोशिश में समुद्र किनारे बने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर करीब 2200 किलो वजनी बम गिराया, जो जमीन के अंदर बने ठिकानों को तबाह कर देता है।
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लेबनान में गिरी मिसाइल[/caption]
India Oil and LPG Supply: हमास ने की निंदा
इधर, हमास ने ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत की निंदा करते हुए इसे धोखा बताया, और लारीजानी की मौत पर संवेदना जताई है। हमास ने कहा कि ईरान के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई पूरे इलाकें को निशाना बनाने वाला अपराध है। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा।
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ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी[/caption]
UN की बैठक
UN की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) खाड़ी इलाके के हालात पर इमरजेंसी बैठक करने वाली है। यह बैठक इसलिए बुलाई गई क्योंकि जंग की वजह से जहाजों और वहां काम करने वाले लोग खतरे में है। इस बैठक में कई देश हिस्सा लेंगे और बड़े फैसले भी हो सकते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और खाड़ी देश चाहते हैं कि ईरान के हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश की निंदा की जाए। वहीं जापान, पनामा, सिंगापुर और UAE जैसे देश चाहते हैं कि फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक सही प्लान बनाया जाए।