Natanz Nuclear Center Attacked: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जंग के 22वें दिन ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर अमेरिका और इजरायल के हमले ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस हमले में अभी तक किसी भी तरह का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ है। इस इलाके के आसपास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है।
परमाणु केंद्र पर निशाना
ईरानी मीडिया के मुताबिक, नतांज परमाणु केंद्र पहले भी निशाने पर रहा। अमेरिका ने कई बार इसे निशाना बनाया। साल 2025 से अब तक इस सेंटर पर लगातार हमले होते आए है। 2 मार्च को इस प्लांट पर हमला किया था। यह ईरान का सबसे बड़ा न्यूक्लियर सेंटर है, यहां यूरेनियम इनरिचमेंट किया जाता है। खास बात यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बना हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि हमले से इसे बचाया जा सके।
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नतांज परमाणु केंद्र की तस्वीर[/caption]
Natanz Nuclear Center Attacked: पैसेंजर जहाजों पर हमला
रूस ने नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। ईरान ने इस हमले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी को भी दी। ईरान ने कहा है कि अमेरिका-इज़राइल फारस की खाड़ी में चल रहे प्राइवेट और पैसेंजर जहाजों पर हमले कर रहे हैं। IRGC ने कहा कि ये हमले जानबूझकर किए जा रहे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर फिर हुआ, तो वह कड़ा जवाब देगा। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी जावा किया गया कि ईरान ने खुद भी कुछ जहाजों पर हमला किया है।
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इजराइल की एक सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोप ने शुक्रवार को लेबनान के दक्षिणी हिस्से की ओर गोले दागे।[/caption]
तेल बेचने की इजाजत
वहीं अमेरिका ने कहा है कि ईरान को तेल बेचने की इजाजत देने के बाद भी उसे ज्यादा पैसा नहीं मिलेगा। दरअसल, अमेरिका ने कुछ समय के लिए करीब 14 करोड़ बैरल तेल बेचने की छूट दी है, लेकिन यह सिर्फ उस तेल पर लागू होगी जो पहले से जहाजों में भरा हुआ है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान के लिए इस पैसे तक पहुंच पाना मुश्किल होगा। यह छूट सिर्फ 19 अप्रैल तक ही लागू रहेगी।
PM ने की ईरान के राष्ट्रपति के बात
वहीं पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन बात की और उन्हें ईद और नवरोज की बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस त्योहार के वक्त पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता आए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में जरूरी जगहों पर हो रहे हमले सही नहीं हैं, क्योंकि इससे हालात खराब होते हैं और दुनिया के व्यापार पर असर पड़ता है।