एपस्टीन फाइल्स से हिली ब्रिटेन की सियासत, शबाना महमूद बन सकती हैं पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री

shabana-mahmood-first-muslim-prime-minister-uk-epstein-row

एपस्टीन फाइल्स से हिली ब्रिटेन की सियासत, शबाना महमूद बन सकती हैं पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री

एपस्टीन फाइल्स से हिली ब्रिटेन की सियासत शबाना महमूद बन सकती हैं पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री

एपस्टीन फाइल्स: ब्रिटेन की राजनीति इन दिनों असाधारण उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार को संकट में डाल दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि उनकी अपनी लेबर पार्टी के भीतर से ही इस्तीफे की आवाजें उठने लगी हैं। स्टार्मर फिलहाल पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं, लेकिन सत्ता के गलियारों में उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। इसी बीच एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, गृह मंत्री शबाना महमूद। अगर राजनीतिक गणित उनके पक्ष में बैठता है, तो वे ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं, और यही बात इस पूरी कहानी को और दिलचस्प बना रही है।

एपस्टीन फाइल्स विवाद से क्यों डगमगाई स्टार्मर की कुर्सी

पूरा विवाद पीएम स्टार्मर के बेहद करीबी माने जाने वाले सहयोगी मॉर्गन मैकस्वीनी से जुड़ा है। मैकस्वीनी को डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनवाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि मंडेलसन पर जेफ्री एपस्टीन से संबंध बनाए रखने के आरोप हैं। मैकस्वीनी ने खुद माना है कि यह नियुक्ति एक गलती थी। इसके बाद से ही विपक्ष के साथ-साथ लेबर पार्टी के अंदर भी सवाल उठने लगे कि क्या स्टार्मर इस संकट को संभाल पाएंगे।

एपस्टीन फाइल्स: लेबर पार्टी में बगावत की दहलीज

लेबर पार्टी के नियम आसान नहीं हैं। 2021 में बदले गए नियमों के मुताबिक, किसी भी नेता को चुनौती देने के लिए पार्टी के संसदीय सदस्यों के कम से कम 20% समर्थन की जरूरत होती है। मौजूदा वक्त में लेबर के करीब 404-405 सांसद हैं, यानी किसी भी चुनौतीकर्ता को कम से कम 81 सांसदों का लिखित समर्थन जुटाना होगा। यही वजह है कि अभी खुलकर चुनौती सामने नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने मीटिंग्स और गुटबाजी तेज मानी जा रही है।

शबाना महमूद: कश्मीर से डाउनिंग स्ट्रीट तक?

45 साल की शबाना महमूद इस समय ब्रिटेन की गृह मंत्री हैं और पहले न्याय मंत्री व लॉर्ड चांसलर भी रह चुकी हैं। उनका पारिवारिक मूल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मीरपुर से जुड़ा है। उनका जन्म बर्मिंघम में पाकिस्तानी माता-पिता के यहां हुआ था। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई करने वाली शबाना पेशे से बैरिस्टर हैं। 2010 में वे रुशानारा अली और यास्मिन कुरैशी के साथ ब्रिटेन की पहली महिला मुस्लिम सांसदों में शामिल हुई थीं।

पार्टी के भीतर मजबूत पकड़

लेबर पार्टी में शबाना महमूद को कीर स्टार्मर की करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। वे पार्टी के अपेक्षाकृत दक्षिणपंथी गुट से जुड़ी हैं और इमिग्रेशन पर उनका रुख काफी सख्त है। उनका साफ कहना रहा है कि ब्रिटेन में रहना एक अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है। संसद में पहुंचने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें पार्टी की अहम जिम्मेदारियां सौंप दी गई थीं। बाद में वे लेबर पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अभियान की रणनीति का भी अहम चेहरा रहीं। पार्टी के भीतर संगठन और रणनीति दोनों पर उनकी पकड़ मानी जाती है। र डाल दी है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। और अगर स्टार्मर की कुर्सी जाती है, तो इतिहास बन सकता है।

संबंधित सामग्री

विदेशी बनाम देसी

देश-विदेश

विदेशी बनाम देसी

उन्नत कृषि महोत्सव, CM डॉ. यादव बोले - रायसेन से 41 देशों में चावल होता है निर्यात

मध्य प्रदेश

उन्नत कृषि महोत्सव, CM डॉ. यादव बोले - रायसेन से 41 देशों में चावल होता है निर्यात

Do Not Take Risk For Beauty: क्या आप भी हर महिने खूबसूरत दिखने के लिए करते है ये काम? सावधान!

लाइफ स्टाइल

Do Not Take Risk For Beauty: क्या आप भी हर महिने खूबसूरत दिखने के लिए करते है ये काम? सावधान!

11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल, जानिए इंजीनियर कैसे बना संत?

देश-विदेश

11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल, जानिए इंजीनियर कैसे बना संत?

Salman-Ranveer Meet Bhima khunti: व्हीलचेयर क्रिकेटर से सलमान और रणवीर ने की मुलाकात!

मनोरंजन

Salman-Ranveer Meet Bhima khunti: व्हीलचेयर क्रिकेटर से सलमान और रणवीर ने की मुलाकात!