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भाजपा राजनीति का प्रमुख बल बनेगा?

भाजपा 15 साल तक सत्ता में रह सकती है; कांग्रेस को अतीत के बोझ से मुक्ति की जरूरत

भाजपा के राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा भारतीय राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनेगी और सत्ता में 15 साल तक रह सकती है। कांग्रेस को अपने अतीत के राजनीतिक गलतियों से मुक्ति के लिए समय लगेगा। भाजपा के प्रदर्शन पर ही विपक्ष की जीत का निर्णय होगा। विजय चोला को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में उभरने की संभावना भी उजागर की गई।


भाजपा 15 साल तक सत्ता में रह सकती है कांग्रेस को अतीत के बोझ से मुक्ति की जरूरत

भाजपा लंबे समय तक भारतीय राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है।' उनके अनुसार सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों का ही भविष्य काफी हद तक मौजूदा सरकार के कामकाज पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा जनादेश मिलने के बाद भाजपा से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।

इसलिए भाजपा और राजग को अब सुपर परफार्म करना होगा। गुप्ता ने कहा-'जब तक उनका प्रदर्शन कमजोर या खराब नहीं होता, वे जीतते रहेंगे और विपक्ष हारता रहेगा।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस अतीत के कुशासन से जुड़ी धारणाओं का बोझ है और इससे उबरने में अभी वक्त लगेगा। उन्होंने कहा-'अगर आप 2029 की भी बात करें तो इसका मतलब होगा लगभग 15 साल (कांग्रेस के लिए सत्ता से बाहर रहने के)।

कांग्रेस को अतीत की धारणाओं से उबरने में समय लगेगा

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर उन्होंने कहा कि किशोर और उनकी टीम उन नेताओं और पार्टियों के साथ जुड़ते हैं, जहां उन्हें 'स्पार्क' दिखाई देता है। उनके राजनीतिक आकलन उभरते रुझानों की समझ पर आधारित होते हैं।

किशोर की 2025 की शुरुआत में की गई भविष्यवाणी का उल्लेख करते गुप्ता ने कहा कि उन्होंने कहा था कि विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में उभर सकते हैं, यह आकलन महज तुक्का नहीं था। तमिलनाडु के मतदाताओं ने विजय को द्रविड़ पार्टियों के विश्वसनीय विकल्प के रूप में देखागुप्ता ने बताया कि उनकी एजेंसी ने तमिलनाडु में विजय के उभार को विधानसभा चुनाव से एक वर्ष पहले पहचानना शुरू किया।

मतदाताओं ने अभिनेता-राजनेता विजय को द्रविड़ पार्टियों का एक विश्वसनीय विकल्प माना। विजय का वोट शेयर चुनाव से छह माह पहले 25त्‍‌न था जोकि वो¨टग के दिन 35त्‍‌न पर पहुंच गया। विजय की लोकप्रियता ने उन्हें नेता के रूप में स्थापित किया। अन्नाद्रमुक के कमजोर होने से विजय को राजनीतिक उभार मिला।