Rajasthan Seaside Startup Summit: राजधानी में 3 दिवसीय राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026 शुक्रवार से शुरू हुई। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप इकोसिस्टम के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेशों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार नीतियों को सरल बनाकर Is of doing Business को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

राजस्थान निवेश के लिए तैयार
आर्मेनिया गणराज्य के सहयोग से आयोजित इस समिट में 130 से ज्यादा चयनित स्टार्टअप को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीएम भजनलाल ने बताया कि प्रदेश में 3 हजार 450 से ज्यादा स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं और राइजिंग राजस्थान के 8 लाख करोड़ के निवेश पर काम प्रारंभ हुआ है। समिट में मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि राजस्थान आज निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार द्वारा नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे निवेशक आसानी से अपना बिजनेस यहां स्थापित कर सकें।
Rajasthan Seaside Startup Summit: 130 से ज्यादा स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे राजस्थान में निवेश कर प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार बनें तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विजन को साकार करें। CM ने कहा कि राजस्थान आज सीमाओं से परे भी नवाचार और साझेदारी में आगे बढ़ रहा है. आर्मेनिया गणराज्य और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह समिट इस पहल का परिणाम है। इस समिट के माध्यम से नवप्रवर्तक, निवेशक, नीति-निर्माता और उद्यमी जुड़कर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और सीमाओं से परे परस्पर सहयोग का करेंगे। 27 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाले इस समिट में 130 से ज्यादा चयनित स्टार्टअप को कार्यशालाओं, पैनल चर्चा और व्यक्तिगत मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026[/caption]
35 लाख करोड़ के MOU
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर 35 लाख करोड़ के MOU हस्ताक्षरित किए गए थे, जिसमें से 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश पर काम शुरू भी हो चुका है। राजस्थान AI, डीपटेक और उभरती प्रौद्योगिकियों से लेकर मशीन लर्निंग, डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। BJP सरकार द्वारा पिछले 2 सालों में आई-स्टार्ट के माध्यम से राज्य में 3 हजार 450 से ज्यादा स्टार्टअप्स पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने कहा अटल इनोवेशन स्टूडियो से स्मार्ट गवर्नेंस तथा बेहतर सेवा वितरण को प्रोत्साहन मिला है। वहीं, स्टार्टअप हब्स को टिंकरिंग लैब, डीप-टेक लैब्स, डेटा और AI लैब्स से लैस करने के लिए बजट 2026-27 में राशि आवंटित की गई है।