Dwarka police: देवभूमि द्वारका साइबर क्राइम पुलिस ने फेसबुक पर “आसान लोन” का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन दिए थे जिनमें कम CIBIL स्कोर वालों को ₹10 से ₹20 लाख तक का लोन पाने का दावा किया जा रहा था।
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Dwarka police: पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़िता को फर्जी लोन स्वीकृति पत्र भेजकर भरोसा अर्जित किया और उसके बाद ₹63,176 की ठगी कर ली। इस शातिर योजना के चलते साइबर क्राइम पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Dwarka police: गिरफ्तार आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
Dwarka police: इन आरोपियों को संबंधित सबूतों के साथ गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। ऑपरेशन में पुलिस ने तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता दोनों का प्रदर्शन किया।
यह केस साइबर अपराध के बढ़ते रूपों—विशेष रूप से फर्जी लोन, सोशल मीडिया पेड़ झांसा, तथा डिजिटल धोखाधड़ी—की एक मार्मिक और स्पष्ट उदाहरण पेश करता है। इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार धोखेबाज फर्जी दस्तावेज, सोशल मीडिया संपर्क और भावनात्मक विश्वास का उपयोग कर लोगों को निशाना बनाते हैं।
Dwarka police: परिजनों, पीड़ित, और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह घटना बताती है कि साइबर क्राइम से सुरक्षा और जागरूकता आज की अत्यंत जरूरी आवश्यकता है। इस दिशा में पुलिस का सतर्कता से काम करना—जांच, सूचना संप्रेषण, और त्वरित कार्रवाई—अन्यायपूर्ण डिजिटल धोखों के खिलाफ एक सशक्त संदेश है।
रिपोर्टर: घनश्याम सिंह वाढेर, देवभूमि द्वारका