JMM in Assam polls: असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां सोमवार को तेज हो गई हैं। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह इस बार अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाएं जरूर तलाशी गईं, लेकिन सीट बंटवारे और रणनीति पर सहमति नहीं बन पाने के कारण बातचीत बेनतीजा रही।
झामुमो के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस के साथ कई दौरों में चर्चा की, मगर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पार्टी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला लिया।
19 सीटों पर JMM के उम्मीदवार, चुनाव चिन्ह भी मिला
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झारखण्ड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन[/caption]
झामुमो ने बताया उन्होनें कि असम में 19 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। पार्टी को ‘तीर-कमान’ चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो चुका है और उम्मीदवारों को सिंबल देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह सौंपते हुए चुनावी अभियान को गति देने के संकेत दिए हैं।
JMM in Assam polls: इनको दिया गया टिकट
पार्टी ने कुछ अहम सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम भी घोषित कर दिए हैं। माजबत विधानसभा सीट से प्रीति रेखा बरला को टिकट दिया गया है, जबकि सोनारी सीट से बलदेव तेली को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा, झामुमो ने सहयोगी दल के रूप में CPIML के लिए एक सीट छोड़ने का निर्णय लिया है, जिससे सीमित स्तर पर सहयोग की रणनीति भी सामने आई है।
चाय बागान और आदिवासी वोट बैंक पर रहेगा फोकस
झामुमो की चुनावी रणनीति असम के चाय बागान क्षेत्रों और वहां रहने वाले टी-ट्राइब तथा आदिवासी मतदाताओं पर केंद्रित है। पार्टी को उम्मीद है कि इन इलाकों में उसकी पकड़ चुनावी नतीजों में निर्णायक साबित हो सकती है।
एक और दिलचस्प बात यह है कि झारखंड में झामुमो और कांग्रेस मिलकर सरकार चला रहे हैं, लेकिन असम में दोनों दल अलग-अलग चुनावी राह पर हैं। इससे स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण राज्यों के अनुसार बदलते रहते हैं।
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9 अप्रैल को किया जायेगा मतदान, नामांकन की आखिरी तारीख आज
असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तारीख आज होने के कारण सभी राजनीतिक दल तेजी से अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे रहे हैं। ऐसे में झामुमो का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला इस चुनाव को और दिलचस्प बना सकता है।